
MADHUBANI: जिले में संचालित निजी स्कूलों के मनमानी पर डीएम सख्त, आदेश जारी
मधुबनी- 08 अप्रैल। वर्त्तमान में जिलान्तर्गत विद्यालयों में छात्रों के नामांकन का कार्य चल रहा है। क्षेत्र से शिकायतें प्राप्त हो रही है कि कुछ निजी विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन, ड्रेस, पुस्तक, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क व अन्य मदों के नाम पर बड़े पैमाने पर राशि की वसूली की जा रही है। स्कूल में चलने वाली यूनिफार्म, पुस्तकों और टाई-बेल्ट के लिए स्वंय मूल्य निर्धारित करते हुए उनकी बिक्री के लिए दुकानें निर्धारित कर रखी है और अभिभावकों को उन्हीं दुकानों से सामान क्रय करने के लिए बाध्य होना पड़ता है। वे चाह कर भी अन्य दुकानों से कम मूल्य पर सामान क्रय नहीं कर पाते हैं। यह भी शिकायत मिली है कि निजी विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष अपने विद्यालय की यूनिफार्म भी बदल दी जाती है, जिसका सीधा प्रभाव अभिभावकों पर पड़ना स्वाभाविक है।
शिक्षा को व्यवसाय के रूप में संचालित करने की यह प्रवृति अत्यंत गंभीर और आपत्तिजनक है, जिस पर नियंत्रण आवश्यक है। उक्त के आलोक में मधुबनी जिला अन्तर्गत संचालित सभी निजी विद्यालय के संचालकों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने विद्यालय के संचालन में निम्नलिखित अधिनियम, विनियमन,धारा का दृढ़ता से अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे:-
क. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
ख. बिहार विद्यालय परिवहन संचालन विनियमन, 2020
ग. बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम, 2019 की धारा 4(1) के अनुसार “निजी विद्यालय द्वारा कक्षा/पाठ्यक्रम में नामांकन हेतु निर्धारित प्रवेश शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क,विकास शुल्क,मासिक अध्ययन शुल्क,वार्षिक शुल्क तथा पुस्तक,पाठ्य सामग्री,पोशाक,आवागमन का खर्च आदि का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रकार निर्धारित सभी प्रकार के शुल्क का ब्यौरा विगत वर्ष एवं वर्तमान वर्ष का विद्यालय द्वारा आम लोगों की जानकारी के लिए विद्यालय सूचनापट्ट,विद्यालय के बेवसाईट का प्रकाशित किया जाएगा।
4(6) के अनुसार ‘विद्यालय में कक्षवार पुस्तकों की सूची,ड्रेस की विशिष्टयों एवं अन्य अपेक्षित सामग्रियों की सूची विद्यालय द्वारा वेबसाइट एवं सूचनापट्ट पर जारी किया जाएगा। अभिभावक सुविधानुसार कहीं से भी उसे क्रय कर सकते हैं। विद्यालय या विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकान,स्थान एवं संस्था से ड्रेस,पुस्तकों व अन्य सामग्रियों का क्रय करना अनिवार्य नहीं होगा। विद्यालय से अथवा स्थान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता रखने वाले विद्यालय दण्ड के भागी होंगे। इस आदेश के अनुपालन का अनुश्रवण अनुमंडल स्तर पर संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी और जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी के द्वारा किया जाएगा।



