
ईरानी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों को बनाया निशाना
बगदाद/तेहरान- 12 मार्च। पश्चिम एशिया में 12 दिनाें से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है जिसके बाद अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वैश्विक समुद्री परिवहन बाधित किया गया तो इसके बहुत गंभीर नतीजे होंगे।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक विस्फोटकों से लदी नौकाओं और प्रक्षेपास्त्रों के हमलों में कई जहाजों को निशाना बनाया है। घटना के बाद इराक ने अपने ऑयल टर्मिनल का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है, जबकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाने का दावा किया है। एक वीडियो में दिखाया गया है कि ईरानी फौज द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य क्षेत्र में कुछ समु्द्री बारूदी सुरंगें बिछायीं गयीं हैं और मित्र देशों के लिए कुछ हिस्सा सुरक्षित रखा गया है।
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू (एए) और ईरान की स्थानीय मीडिया रिपाेर्ट में बताया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक विस्फोटकों से लदी नावों और प्रक्षेपास्त्रों के हमलों में कुल छह जहाजों को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद इराक ने अपने ऑयल टर्मिनल के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
इसी बीच आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया है। हालांकि इस दावे पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन बोट्स और समुद्री बारूदी सुरंगों की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। यह वही रणनीति है जिसका इस्तेमाल हाल के वर्षों में युद्धों में बिना चालक वाले विस्फोटक जहाजों के रूप में किया गया है।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की कोशिश की है और चेतावनी दी कि यदि वैश्विक जलमार्ग को बाधित किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
गौरतलब है कि, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। हालिया घटनाओं के बाद इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। ——————–



