भारत

वर्तमान सरकार अपने काम में वंचितों को प्राथमिकता दे रही: PM मोदी

नई दिल्ली- 21 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान सरकार अपने काम में वंचितों को प्राथमिकता दे रही है। पहले यह सोच थी कि सरकार सबकुछ करेगी लेकिन अब सोच यह है कि सरकार सबके लिए करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सिविल सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सेवकों को संबोधित किया। साथ ही इस आयोजन के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार उत्कृष्टता पुरस्कारों को आम नागरिकों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के जिलों और संगठनों द्वारा किए गए असाधारण और अभिनव कार्यों को मान्यता देने की दृष्टि से स्थापित किया गया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार सबके लिए काम करने की भावना के साथ समय और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रही है। ‘राष्ट्र प्रथम, नागरिक प्रथम’ के मंत्र के साथ सरकार की प्राथमिकता वंचितों को वरीयता देना है। आज सरकार आकांक्षी ब्लॉक तक जा रही है और सीमावर्ती गांवों को देश का पहला गांव मानकर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए जरूरी है कि हर सरकारी कर्मचारी देशवासियों के सपनों को सच करने में उनकी मदद करें। पिछले दशकों से बनी व्यवस्था की नकारात्मक छवि को सकारात्मक में बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी योजनाएं कितनी भी बेहतर हों लेकिन अंतिम पायदान तक उसकी वितरण सुनिश्चित ना हो तो अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि आज सबके प्रयास से व्यवस्था में बदलाव आया है और देश के करीब 03 लाख करोड रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। आज पैसा गरीब के काम आ रहा है और उसके जीवन को आसान बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज की चुनौती कुशलता को लेकर नहीं बल्कि अभाव को लेकर है और उसे दूर कैसे किया जाए इस पर प्रयास करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले के सिस्टम में जिनका जन्म ही नहीं हुआ ऐसे लाखों-करोड़ों फर्जी नामों की आड़ में एक बहुत बड़ा इकोसिस्टम भ्रष्टाचार में जुटा था। आज देश के प्रयासों से सिस्टम बदला है और देश के करीब-करीब तीन लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले के सिस्टम में देश में 04 करोड़ से ज्यादा फर्जी गैस कनेक्शन थे, 04 करोड़ से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड थे, देश में एक करोड़ काल्पनिक महिलाओं और बच्चों को महिला और बाल विकास मंत्रालय की सहायता जा रही थी, अल्पसंख्यक मंत्रालय करीब 30 लाख फर्जी युवाओं को स्कॉलरशिप का लाभ दे रहा था और मनरेगा के तहत देश में लाखों ऐसे फर्जी अकाउंट बने व लाखों ऐसे श्रमिकों को पैसे ट्रांसफर किए गए जिनका अस्तित्व ही नहीं था।

सिविल सेवा अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में सुशासन पर विश्वास, भारत के विकास को गति और कोरोना संकट के बावजूद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहने के पीछे सिविल सेवा अधिकारियों की मेहनत का बड़ा योगदान रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन का बहुत बड़ा समय एनओसी, प्रमाण पत्र, क्लीयरेंस, इन्हीं सब कामों में चला जाता है। हमें इनके समाधान तलाशने होंगे। इससे ही जीवन की आसानी बढ़ेगी और व्यापार में आसानी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि जब प्रशासन जन एवं विकास केंद्रित होता है तो न केवल वह समाधान देता है बल्कि सर्वोत्तम परिणाम भी देता है। यह ना केवल जनकल्याण सुनिश्चित करता है बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की ब्यूरोक्रेसी को नागरिकों की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना है। ब्यूरोक्रेसी से चूक होने पर देश और करदाताओं का धन तबाह हो जाएगा और देश के युवाओं के सपने चकनाचूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें राजनीति दलों के कामकाज पर भी नजर रखनी होगी।

उन्होंने सिविल सेवा अधिकारियों से कहा कि उन्हें नजर रखनी होगी कि राजनीतिक दल करदाताओं के धन का इस्तेमाल अपने दल के हित में या देश के हित कर रहे हैं। धन का उपयोग दल के विकास या फिर देश के विकास में हो रहा है, वोटबैंक बनाने या फिर सभी का जीवन आसान करने, अपना प्रचार करने या फिर ईमानदारी से लोगों को जागरूक करने, कार्यकर्ताओं को विभिन्न संस्थाओं में नियुक्त करने या फिर सबको पारदर्शी रूप से नौकरी के अवसर देने, नीतियों में फेरबदल आकाओं की काली कमाई के नए रास्ते बनाने पर या सही दिशा में हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत काल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे पास काफी कम समय है और बहुत कुछ हासिल करने को है। हमारे पास समय कम है लेकिन क्षमताएं अपार हैं, हमारे पास कठिन लक्ष्य हैं लेकिन महान साहस है, ऊंचाइयों को छूना हमारा लक्ष्य है लेकिन हमारे पास आसमान को भी पार करने की इच्छा है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोक प्रशासन 2022 में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से क्रमशः चुनिंदा प्राथमिकता कार्यक्रमों और चुनिंदा नवाचारों पर आधारित दो ई-कॉफी टेबल बुक जारी की। कार्यक्रम के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें केंद्रीय स्तर पर इनोवेशन कैटेगरी के तहत लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार उद्योग एवं आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को दिया गया।

नवाचार राज्य श्रेणी के तहत मिशन युवा, जम्मू और कश्मीर को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। नवाचार राज्य श्रेणी के तहत गुजरात के राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार। समग्र शिक्षा के तहत महेसाणा, गुजरात को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। आयुष्मान भारत के तहत ‘स्वस्थ भारत’ को बढ़ावा देने के लिए लातूर, महाराष्ट्र को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। कई स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के माध्यम से ‘स्वस्थ भारत’ को बढ़ावा देने के लिए अनाकापल्ली, आंध्र प्रदेश को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम के तहत बारामूला, जम्मू और कश्मीर को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार। एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम के तहत गुमला, झारखंड को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। ‘हर घर जल’ योजना के माध्यम से स्वच्छ जल को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु के कांचीपुरम को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार। ‘हर घर जल’ योजना के माध्यम से स्वच्छ जल को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के बुरहानपुर को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चित्रकूट, उत्तर प्रदेश को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। नवाचार (जिला) श्रेणी में ऑपरेशन परिवर्तन, सोलापुर, महाराष्ट्र को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार। नवोन्मेष (जिला) श्रेणी के तहत न्यू एज लर्निंग सेंटर (एनएएलसी), चांगलांग, अरुणाचल प्रदेश को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार।

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