
संजय जायसवाल ने बिहार में बवाल के लिए पुलिस को ठहराया जिम्मेदार
पटना-18 जून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने शनिवार को बीते तीन दिनों से चल रहे हिंसक प्रदर्शन में बिहार पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे हिंसा में पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही है। पुलिस ये हिंसा रोकना ही नहीं चाहती।
डॉ जायसवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्य में पिछले तीन दिन से ट्रेन जलाए जा रहे हैं लेकिन पुलिस की ओर से कही भी ना आंसू गैस नहीं चलाए गए और ना ही लाठीचार्ज की गई। इस मामले में भाजपा को ही टारगेट किया गया। इसे जल्द रोका जाए, नहीं तो फिर किसी के लिए ठीक नहीं होगा।
संजय जायसवाल ने कहा कि पार्टी के मधेपुरा कार्यालय में जब आग लगाई गई तो उस वक्त 300 पुलिस कर्मी मौजूद थे। बावजूद उस घटना को अंजाम दिया गया। मधुबनी में कार्यालय पर हमला कर पार्टी फंड के पैसों को भी लूट लिया गया। इस कई मामलों पर पुलिस ने बातें छिपाने की भी कोशिश की है।
संजय जायसवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष सोची समझी साजिश के तहत इन घटना को अंजाम दिलवा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में कोई भी छात्र नहीं है। छात्र कभी हिंसा नहीं करते हैं। ये सब उपद्रवी हैं, जो विपक्ष के कहे अनुसार देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इशारों में जदयू पर निशाना साधा। दरअसल, जदयू के ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा पहले ही आपत्ति जाता चुके हैं। संजय जायसवाल ने उनके जवाब में कहा कि हम लोग अलग-अलग दल के हैं तो आपत्ति होना लाजमी है लेकिन वो आए और हमें इसका कारण बताए कि इसमें क्या गलती है।
संजय जायसवाल के बयान पर जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संजय जायसवाल की बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। हर घर में एक ऐसा आदमी होता है जो कुछ भी बोलता है। प्रशासन अपना काम ठीक तरीके से कर रहा है।



