
नेहरू की प्रतिमा पर डंडे बरसाने वाले 6 आरोपित गिरफ्तार
सतना- 25 मई। मध्यप्रदेश के सतना जिला मुख्यालय पर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। यहां पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को डंडों से पीटने और पत्थर फेंके जाने का एक वीडियो सामने आया है। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
बुधवार को पंडित नेहरू की प्रतिमा को डंडों से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। वीडियो में कुछ लोग शिवराज सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिख रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया है। उन्होंने घटना पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने बताया कि यह वीडियो धवारी चौराहा स्थित प्रतिमा का है। घटना मंगलवार की है, जिसमें कुछ युवक प्रतिमा को तोड़ने की कोशिश करने के साथ ही प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ नारा लगाते दिखे।
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस हरकत में आई। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता धवारी जा पहुंचे, जहां उन्होंने घटना के विरोध में जुलूस निकाला। हालांकि, उनकी संख्या ज्यादा नहीं थी, लेकिन फिर भी उन्होंने घटना का विरोध जताया। आरोपितों को पकड़ने की मांग उठाई।
इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि सतना में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को कुछ असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया है। यह घटना बेहद निंदनीय है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रतिमा की सुरक्षा की व्यवस्था हो।
सतना एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि वीडियो में दिखे छह लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कृष्णकांत (22) पुत्र गणेश गौतम निवासी ग्राम सोनौरा थाना अमरपाटन, शुभम (18) पुत्र विजय कुमार शुक्ला निवासी धवारी, सुभाष (22) पुत्र भूपेंद्र सिंह निवासी धवारी, विवेक (18) पुत्र दिलीप सिंह निवासी पतौरा थाना नागौद, विशन (25) पुत्र शंभू लाल मांझी निवासी प्रेम नगर और प्रभात (19) पुत्र वेदनारायण बागरी निवासी नागौद (सभी जिला सतना निवासी) शामिल हैं।
एसपी के अनुसार, आरोपित युवक नशा मुक्ति के खिलाफ रैली निकाल रहे थे। ये युवक खुद नशे के आदी हैं। इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड तलाशे जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे मेडिकल नशे के खिलाफ अपनी मांग के प्रति ध्यानाकर्षण कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने प्रतिमा पर डंडे-हथौड़े और पत्थर बरसाए।



