
श्रीलंका में संकट: पूर्व PM महिंदा की गिरफ्तारी को अदालत से गुहार,विक्रमसिंघे ने बनाए चार मंत्री
कोलंबो- 14 मई। श्रीलंका में आर्थिक व राजनीतिक संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोग पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं। महिंदा की गिरफ्तारी की मांग अदालत तक पहुंच गई है। इस बीच श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने चार मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है।
श्रीलंका में पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की गरिफ्तारी के बाद भड़की हिंसा को लेकर चल रहा घमासान अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। कोलंबो की अदालत में एक याचिका दायर कर पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की गयी है। याचिका में अदालत से पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे समेत सात लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है। आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर हमले के लिए महिंदा राजपक्षे ने अपने समर्थकों को भड़काया था। इस दौरान हिंसक झड़पों के दौरान 100 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बाद शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा और लोगों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया।
इस बीच श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने राजनीतिक कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। उन्होंने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल में चार मंत्रियों को शामिल किया। मंत्रिमंडल में जीएल पीरिस को विदेश मंत्री, दिनेश गुणवर्धने को लोक प्रशासन मंत्री, पीरिस को विदेश मंत्री, प्रसन्ना रणतुंगा को शहरी विकास एवं आवास मंत्री और कंचना विजेसेकारा को बिजली एवं ऊर्जा मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। पीरिस महिंदा राजपक्षे के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में भी विदेश मंत्री थे।



