
आम बजट में सैलरी क्लास को कोई राहत नहीं, सीतारमण ने कहा,’हमने टैक्स नहीं बढ़ाया’
नई दिल्ली- 01 फरवरी। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट में नौकरी, घर, किसान, रक्षा, व्यापार और क्रिप्टो सहित कई क्षेत्रों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री ने इस बार आम बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं कर सैलरी क्लास (मध्यमवर्ग) को निराश किया है।
मंगलवार को सीतारमण ने साल 2019 में वित्त मंत्री का पद संभालने के बाद चौथी बार मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आम बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश करने के बाद यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने बड़े स्तर पर खर्च को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कोष एकत्रित करने के लिए कोई कर नहीं बढ़ाया है। आम बजट में सैलरी क्लास को आयकर बोझ से राहत नहीं मिलने के एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। सीतारमण ने अपने चौथे आम बजट में न तो कर स्लैब में कोई बदलाव किया और न ही मानक कटौती की सीमा बढ़ाई है। दरअसल महंगाई में तेजी एवं कोरोना महामारी के मध्यम वर्ग पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए ये उम्मीद की जा रही थी कि वित्त मंत्री कर के मोर्चे पर कुछ राहत देंगी।
सीतारमण ने कहा कि अगर कर बढ़ाने को लेकर कोई आशंका थी, तो हमने वह नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैंने आयकर दर (स्लैब) पिछले साल भी नहीं बढ़या और मैंने कर बोझ के जरिए एक रुपया भी अतिरिक्त नहीं लिया। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया था कि कोरोना के दौरान राजकोषीय घाटा चिंता का विषय नहीं होना चाहिए और इस दौरान अतिरिक्त कर बोझ नहीं होना चाहिए। सीतारमण ने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम), सस्ते मकान, पासपोर्ट को सुगम बनान के उपायों के ऐलान से आखिरकार मध्यम वर्ग को ही फायदा होगा। बता दें कि आम बजट में व्यक्तिगत आय पर मानक कटौती को 50 हजार रुपये पर बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।



