
दरभंगा में गूंजा मिथिला का गौरव, राष्ट्रीय मखाना महोत्सव में मधुबनी के पांच प्रगतिशील किसान सम्मानित
मधुबनी – 27 अक्टूबर। मिथिला की पहचान मखाना को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा (ICAR-NRC for Makhana) द्वारा दरभंगा में राष्ट्रीय मखाना महोत्सव का आयोजन किया गया। यह महोत्सव पिछले तीन वर्षों से लगातार मनाया जा रहा है और अब मिथिला के सांस्कृतिक कैलेंडर का अहम हिस्सा बन गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर थे, जबकि अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले ने की। समारोह के सबसे गौरवपूर्ण क्षण में मधुबनी जिले के उन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मखाना की खेती को बढ़ावा देने और इस संस्थान को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सम्मानित किसानों में कपिलदेव झा, माहेश्वर ठाकुर, महेश मुखिया, शुभचंद मिश्रा एवं पूजा कुमारी शामिल हैं।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अमरनाथ गामी, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. विकास दास, सीफेट (CIPHET), लुधियाना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके. विश्वकर्मा, आइसीएआर, पटना के डॉ. संजीव कुमार, प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक प्रो. विद्यानाथ झा सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और मिथिला के कोने-कोने से आए किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन सचिव एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रधान वैज्ञानिक व संयोजक डॉ. आई.एस. सिंह ने प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात में खीर में मखाना का होना सिर्फ परंपरा नहीं, मिथिला की समृद्धि का प्रतीक है, और यह केंद्र उसी परंपरा को विज्ञान से जोड़ रहा है।



