
धनतेरस पर चेहरा पढ़िए, धन आएगा या नहीं पहले से पता चलता है : पं. शंभूनाथ झा
मधुबनी- 27 अक्टूबर। धनतेरस केवल सोना-चांदी खरीदने का दिन नहीं, बल्कि भाग्य जगाने का दिन है। विश्व प्रसिद्ध फेस रीडर व ज्योतिषाचार्य पं. शंभूनाथ झा ने कहा कि धनतेरस पर व्यक्ति के चेहरे का तेज बता देता है कि लक्ष्मी टिकेगी या नहीं। इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर को है। पं. झा ने कहा कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस दिन को आरोग्य और धन दोनों का पर्व कहा गया है। चेहरा ही मनुष्य का पहला बही-खाता है।
धनतेरस पर क्या करें – पं. शंभूनाथ झा की विशेष सलाह:—
पं. झा ने कहा कि धनतेरस पर जिसका माथा चमकदार हो, आंखों में स्थिरता हो और होंठों पर सहज मुस्कान हो, समझिए उस पर लक्ष्मी की कृपा साल भर रहेगी। यदि चेहरे पर उदासी और आंखें भटकी हों तो धन आकर भी टिकता नहीं।
इस बार शाम 6:10 बजे से रात 8:25 बजे तक खरीदारी का श्रेष्ठ मुहूर्त है। इस समय सोना, चांदी, पीतल के बर्तन, झाड़ू और धनिया खरीदना अति शुभ है।
नकली सामान, लोहे का सामान, कांच और एल्युमिनियम इस दिन न खरीदें। यह धन को रोकता है।
पं. शंभूनाथ झा ने कहा कि धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश और कुबेर की पूजा के साथ अपने कर्म और चेहरे की मुस्कान को साफ रखें। धन वहीं टिकता है जहां मन साफ और चेहरा प्रसन्न हो।



