
जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे: CM सम्राट
सारण- 19 मई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सरकार खुद चलकर उनके द्वार तक आएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का निष्पादन हर हाल में 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नोटिस प्रणाली की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया आवेदन प्राप्त होने के 10वें दिन पहला, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय से भेजा जाएगा। यदि 30वें दिन तक आदेश जारी नहीं होता है, तो 31वें दिन संबंधित विभाग के अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटकाने और भटकाने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। अब से प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अंचल, प्रखंड, थाना और जिला स्तर की जन समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि 11 मई को जारी सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन लाभुकों को बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और पेंशन योजना के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए, जिनके आवेदनों का जिला प्रशासन ने पहले ही शत-प्रतिशत निष्पादन कर दिया था।
मौके पर मुख्यमंत्री ने सोनपुर और सारण के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ के नाम से एक आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। जमीन अधिग्रहण के मामले में उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि यदि किसी की जमीन अधिग्रहित होती है, तो उसे बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पटना के जे.पी. गंगा पथ की तर्ज पर सोनपुर में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण किया जाएगा, जिससे इस इलाके की सूरत बदल जाएगी और यह दिल्ली-एनसीआर के नोएडा की तरह विकसित होगा। इसके अलावा, महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नए पुलों और कच्ची दरगाह-राघोपुर पुल के कार्यों में तेजी लाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के जिन 211 प्रखंडों में अब तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां इसी वर्ष जुलाई से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। साथ ही, प्रत्येक प्रखंड में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के मॉडल पर उच्च गुणवत्ता वाले स्कूल विकसित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु उन्होंने सिविल सर्जनों को कड़ा निर्देश दिया कि 15 अगस्त के बाद किसी भी सामान्य रोगी को अनुमंडल या जिला अस्पताल से बेवजह रेफर नहीं किया जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो संबंधित सिविल सर्जन के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत का रास्ता इन्हीं सहयोग शिविरों से होकर गुजरता है। उन्होंने जीविका दीदियों के बढ़ते कारोबार की सराहना करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।



