बिहार

चंद्रगुप्त और बुद्ध की धरती बिहार ने पूरी दुनिया को दिखाया सत्य-अहिंसा का मार्ग: CM नीतीश

पटना- 22 मार्च। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि चंद्रगुप्त और बुद्ध की धरती बिहार ने पूरी दुनिया को सत्य-अहिंसा का मार्ग दिखाया है। कानून व्यवस्था में सुधार से माहौल बना और आज बिहार प्रगति के पथ पर चल रहा है।साल 2005 से मैं प्रदेश की सेवा कर रहा हूं। हर क्षेत्र में काम किया हूं। आगे भी करता रहूंगा। मुख्यमंत्री कुमार यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान पर जल जीवन हरियाली की थीम पर बिहार दिवस के उदघाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार में आया था तो इसी गांधी मैदान के पास शाम होने के बाद लोग नहीं आते है। आज सूदुर ग्रामीणों क्षेत्रों में भी लोग निर्भीक होकर रात में घूम रहे हैं। हमने सबसे पहले प्रदेश को प्रगति पर ले जाने के लिए लोगों को जागरुक किया। नीतीश ने कहा कि बेहद खुशी की बात है कि इस वर्ष बिहार दिवस के अवसर पर जल-जीवन-हरियाली का थीम रखा गया है। नई पीढ़ी को इतिहास के विषय में जानकारी होनी चाहिए, इसलिए बिहार दिवस बनाने की हमारी सरकार ने योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के माध्यम से गिरते भू-जल स्तर को ऊपर लाने, वैश्विक जल संकट को दूर करने, अतिवृष्टि एवं अनावृष्टि के कुप्रभावों को कम करने, पर्यावरणीय संतुलन को बरकरार रखने की दिशा में हमारी सरकार ने एक अभियान के रूप में इसकी शुरुआत की है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए बजटीय प्रावधान भी किया गया है। जल संकट के इस वैश्विक विमर्श के दौर में आपने एक कदम आगे बढ़ाते हुए अनूठी पहल कर इसे मूर्त रूप दिया है। बिहार में जो परिवर्तन हुआ है, उससे बिहार के लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन हरियाली कार्यक्रम का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में हरियाली क्षेत्र 15 प्रतिशत हो गया है, इसे 17 प्रतिशत तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिहार के हर गांव को सड़कों से जोड़ दिया गया है। हमने सभी गांवों तक बिजली पहुंचायी। आज हर गांव में 20 घंटे बिजली रहती है। नीतीश ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। हमारी योजना थी कि सभी लड़किया कम से कम ज्याद नहीं तो इंटरमीडिएट तक की शिक्षा जरुर प्राप्त कर ले। उसके लिए हमने पोषाक और साइकिल योजना की शुरुआत विद्यालयों में की। उसका परिणाम सामने आया। लड़कियों में शिक्षा का स्तर बढ़ा और उसकी वजह से प्रदेश में प्रजनन दर चार प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत पर आ गयी है। प्रजनन दर को शिक्षा और जागरुकता फैला कर दो प्रतिशत पर लाने की योजना है।

इस अवसर पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बिहारवासियों को बिहार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार वर्ष 1912 में पृथक् राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। बिहार से ही संपूर्ण विश्व में ज्ञान और विज्ञान का प्रकाश फैला। यहां से बुद्ध और महावीर ने पूरी दुनिया को ज्ञान का संदेश दिया। विश्वप्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय ज्ञान का केंद्र रहा। आर्यभट्ट, चाणक्य जैसे विद्वानों की धरती हमारे बिहार का इतिहास गौरवपूर्ण एवं समृद्ध रहा है।

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