बिहार

बाबा साहेब के लिए उन्नतशील समाज एवं राष्ट्र की परिकल्पना ही एकमात्र लक्ष्य था: प्रो. संजय

पटना- 06 दिसम्बर। बाबासाहेब ने दबे कुचले वर्गों को वास्तविक स्थान दिलाया- प्रोफेसर संजय कुमार नालंदा खुला विश्वविद्यालय के तत्वावधान में बिस्कोमॉन भवन स्थित सभागार में सोमवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 66वीं महापरिनिर्वाण दिवस पर भारतीय संविधान के शिल्पकार सह जनक डॉ.भीमराव अंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।। तथा प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित करते हुए प्रति कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार ने कहा कि उन्नतशील समाज एवं राष्ट्र की परिकल्पना ही एकमात्र लक्ष्य था। बाबासाहेब सामाजिक समरसता,महिला उत्थान एवं समाज के दबे कुचले वर्गों के अधिकार को उनका वास्तविक स्थान दिलाया। बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर अपने जीवन काल में ढ़ेर सारी कठिनाइयों को झेलते हुए समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए। उनका योगदान जाति धर्म समुदाय से भिन्न समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से तथा वैज्ञानिक विचारधाराओं के आधार पर भारतवर्ष को दुनिया के शीर्ष देश के रूप में स्थापित करने का सपना देखा था। हम उपस्थित सभी से अनुरोध करते हैं कि सिर्फ बाबा साहब के विचारों का अध्ययन अध्यापन मात्र न करें बल्कि उसका अनुपालन दैनिक जीवन में भी करें। उनका लिखा हुआ हर एक आलेख वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। तथा इसी तथ्य के आधार पर उन्नत राष्ट्र की परिकल्पना के संग भारतवर्ष को शीर्ष पर सुशोभित देखना चाहते थे।

कुलसचिव डॉ घनश्याम राय ने कहा कि बाबासाहेब को याद कर हम सभी यह समझे कि वे समाज के नीचले पायदान पर अवस्थित लोग जो हुनरमंद और ग्राम स्वराज्य के प्रति जागरूक हैं,वे अपने अधिकार को पाने से वंचित नहीं हो सकते। डॉ राय ने कहा कि उनका कथन था कि जीवन लंबा होने के बजाए महान होना चाहिए। उनके विचार एवं आदर्श आज भी करोड़ों लोगों को ताकत देते रहते हैं। उन्होंने संविधान के रूप में देश को एक पवित्र ग्रंथ भेंट किया जो सर्वोच्च मार्गदर्शक है।

डॉ मीना कुमारी, सहायक प्राध्यापक ने यह बताया कि हमें अपने जीवन में बाबासाहेब के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। डॉ अमरनाथ पांडेय,समन्वयक, कंम्यूटर सांयस ने बाबासाहेब के परिप्रेक्ष्य में बताया कि बाबासाहेब सामाजिक एवं आर्थिक भेदभाव को दूर करने में अहम भूमिका निभाई। डॉ नीलम कुमारी, कुलसचिव(परीक्षा) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी रामशीष प्रसाद, समन्वयक प्रोफेसर बसंत कुमार मिश्रा,शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी क्रमशः डॉ अमरेश रंजन, डॉ किरण पांडेय, डॉ मीना कुमारी, डॉ पल्लवी,डॉ संगीता, आफताब आलम, पीकेदयाल, सरफराज आलम,मुकेश कुमार, विजय कुमार, अशोक कुमार,शंकर कुमार मिश्रा,दिलीप कुमार, रीतेश कुमार आदि ने भी बाबासाहेब के मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित किया।

भवदीय
डॉ घनश्याम राय
कुलसचिव

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