
BIHAR:- मधुबनी का ‘भ्रष्ट’ ट्रैक’ 69 लाख स्वाहा, टेस्ट के नाम पर जीरो! उद्घाटन से पहले टूटा, जांच में खुली पोल
मधुबनी- 09 सितंबर। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का एक और नमूना मधुबनी के गंगासागर चौक पर देखने को मिल रहा है। 69 लाख रुपये की लागत से बना मोटर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक हैंडओवर से पहले ही टूट-फूट गया। 2 साल बीत गए, लेकिन आज तक इस ट्रैक पर एक भी चालक का ड्राइविंग टेस्ट नहीं हो सका। गंगासागर चौक स्थित ट्रैक की पेवर ब्लॉक वाली सड़क बीच-बीच में धंस गई है। ब्लॉक उखड़ गए हैं और बीच में घास-फूस उग आई है। स्थानीय अधिवक्ता राकेश रंजन झा ने इस गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय के सहयोग पोर्टल (RTMS) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप है कि ट्रैक निर्माण में भारी अनियमितता हुई है। मिट्टी भराई सही से नहीं हुई, इसीलिए ट्रैक बैठ गया। 69 लाख सरकारी रुपये का दुरुपयोग हुआ और जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिलाधिकारी के आदेश पर अपर समाहर्ता-सह-लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, DTO और DSP ट्रैफिक की संयुक्त टीम ने स्थलीय जांच की। जांच रिपोर्ट पत्रांक 1388 दिनांक 02.09.2026 में खुद जिला परिवहन पदाधिकारी ने माना है कि ट्रैक शहर के बीचों-बीच बनने से अनुपयोगी है। संकरे रास्ते और जाम के कारण यहां ड्राइविंग स्किल टेस्ट लेना संभव नहीं है। ट्रैफिक पुलिस और MVI को टेस्ट लेने में भारी परेशानी होती है।
DTO ने अपर समाहर्ता को पत्र लिखकर शहर से बाहर 2.5 एकड़ नई जमीन की मांग की है। विभाग ने एक अतिरिक्त ड्राइविंग ट्रैक की मंजूरी भी दे दी है। यानी पुराना 69 लाख का ट्रैक अब कबाड़ में और नया ट्रैक फिर से करोड़ों में बनेगा। सवाल यह है कि जिस भवन प्रमंडल, मधुबनी ने इस घटिया निर्माण को अंजाम दिया, उस पर कार्रवाई कब होगी? और 69 लाख का हिसाब कौन देगा?



