
मऊ के जामिया फ़ैज़-ए-आम में बिहार के छात्र ने हासिल किया मेयारी मकाम, वालिद ने असातज़ा को कहा शुक्रिया
मधुबनी/मऊ, 30 अगस्त। बिहार के मधुबनी जिला के देवधा गांव निवासी और नाज़िम-ए-इजलास हिंद व नेपाल, अबू खैरुल बशर मुबारक बशर देवधावी मधुबनवी ने उत्तर प्रदेश के मऊ नाथ भंजन स्थित मशहूर दीनी इदारा जामिया इस्लामिया फ़ैज़-ए-आम की खिदमात को सराहा है। अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के आला दीनी इदारों की फेहरिस्त में जामिया फ़ैज़-ए-आम का नाम नुमायां है। यहां के असातज़ा अपनी इल्मी सलाहियत में हिंद और नेपाल के कई इदारों पर फौकियत रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बड़े साहबज़ादे खैरुल बशर, जो जमात-ए-खाम्सा से सामिना फ़ज़ीलत तक के तालिब-ए-इल्म हैं, इसी जामिया में ज़ेर-ए-तालीम हैं। उन्होंने जामिया के असातज़ा, खुसूसन शेखुल जामिया मौलाना मज़हर अली सलफी मदनी, डॉ. अब्दुल मन्नान फैज़ी मदनी, डॉ. ज़करिया नदवी अज़हरी और शेख राशिद हसन मुबारकपुरी की खिदमात का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह असातज़ा अपने खून-पसीने से बच्चों को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि जामिया में सहीह बुखारी, तफसीर-ए-नसफी, तफसीर-ए-बैज़ावी, मोअत्ता और फिक्ह की किताबें बड़े ही हुस्न-ओ-खूबी के साथ पढ़ाई जाती हैं, जिसकी वजह से यहां के फारिग़ीन को मुल्क और बैरून-ए-मुल्क में इमामत, खिताबत और तदरीस के लिए तरजीह दी जाती है। उन्होंने जामिया के तमाम मुन्तज़मीन, असातज़ा और तुलबा के लिए तरक्की और सलामती की दुआ की।



