
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी, लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री प्रिय : पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी – 30 अगस्त। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। पंचांग के अनुसार इस साल अष्टमी तिथि 3 सितंबर की रात से शुरू होकर 4 सितंबर की रात तक रहेगी। शहर के विभिन्न मंदिरों पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिरों का रंग-रोगन कार्य चल रहा है। वहीं, शहर के विभिन्न जगहों पर पूजा समिति द्वारा भव्य आकर्षक पंडाल का निर्माण शुरु कर दिया गया है। कई जगहों पर जन्माष्टमी की रात कृष्ण जन्म की झांकी भी सजाई जाएगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की जानकारी देते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है। भगवान का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, इसलिए मुख्य पूजा 4 सितंबर की रात 12 बजे निशिता काल में होगी। इस बार जन्माष्टमी शुक्रवार को पड़ रही है, जो बेहद शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि जन्माष्टमी का व्रत रखने से संतान सुख, समृद्धि और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भक्तों को इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में व्रत का संकल्प लेना चाहिए। व्रत रखकर रात 12 बजे भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप (लड्डू गोपाल) का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें माखन-मिश्री और तुलसी का भोग लगाना चाहिए। भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री प्रिय माने जाते हैं। पूजा के समय घर के मंदिर में दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान कृष्ण की आरती करना चाहिए। इस दौरान घर में भजन-कीर्तन किया जाना चाहिए। पं. झा ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति की दान करना चाहिए। दान को पुण्य कर्म माना गया है।



