
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाऐं: डा. के.के झा
मधुबनी- 24 अगस्त। जेनरल फिजिशियन एन्ड डायबेटोलॉजिस्ट के प्रसिद्ध चिकित्सक के.के झा ने कहा है कि आज के भागदौड़ भरी जीवनशैली में अनियमित खान-पान,पर्याप्त नींद का अभाव,शारीरिक निष्क्रियता और तनाव अनेक बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।
उक्त बातें डा. के.के झा (डा. कृष्ण कुमार झा) ने अपने निजी किल्निक वाटसन हाई स्कूल के सामने अपने चैंबर में लक्ष्य तक न्यूज़ से विशेष बातचीत में कही।
उन्होंने ने कहा कि स्वस्थ जीवन केवल बीमारी से मुक्त रहने का नाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सुव्यवस्थित कला और संतुलित जीवनशैली का परिणाम है। व्यक्ति का वास्तविक स्वास्थ्य उसके शारीरिक,मानसिक और सामाजिक संतुलन में निहित है। उन्होंने कहा कि बीमारी का उपचार करने से अधिक महत्वपूर्ण है, बीमारी को उत्पन्न होने से रोकना। इसके लिए संतुलित आहार,नियमित व्यायाम,पर्याप्त नींद,स्वच्छता,सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन को दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है।
डा. के.के झा ने खासकर स्कुल एवं कालेजों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि युवा अवस्था में विकसित की गई स्वस्थ आदतें ही भविष्य के स्वस्थ जीवन की आधारशिला बनती हैं।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति का स्वास्थ्य केवल उसका निजी विषय नहीं है, बल्कि उसका प्रभाव परिवार, समाज और राष्ट्र पर भी पड़ता है। स्वस्थ नागरिक ही अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकता है। स्वस्थ व्यक्ति आत्मनिर्भर होता है और स्वस्थ समाज ही सशक्त एवं विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने रोगों के उपचार की अनेक प्रभावी विधियां विकसित की हैं, लेकिन स्वास्थ्य की रक्षा में व्यक्ति की जागरूकता और अनुशासित जीवनशैली की भूमिका सर्वोपरि है।



