विश्व

गिनी में लैंडफिल हादसा में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 30

कोनाक्री- 24 अगस्त। गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद एक कचरा डंपिंग साइट का विशाल ढेर ढह गया। हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर और 16 अन्य मामूली रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा रविवार तड़के करीब 2 बजे ग्बेसिया इलाके में हुआ।

ब्रिटिश दैनिक समाचार पत्र ‘द गार्डियन’ तथा चीन की आधिकारिक सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सरकार के हवाले से बताया कि रातभर हुई भारी बारिश के कारण लैंडफिल में जमा कचरे का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया और पास में बने टेंट, झुग्गियों तथा कमजोर मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हादसे में अपने पांच बच्चों को खोने वाली सिरे डियालो ने पत्रकारों से कहा, “मैंने अपने सभी बच्चों को खो दिया है। अब मैं बस भगवान पर भरोसा कर सकती हूं।”

यह दुर्घटना सरकार द्वारा लैंडफिल को बंद करने की योजना की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद हुई है। क्षेत्रीय प्रशासन मंत्री जेनाबू टौरे कमारा ने गुरुवार को कहा था कि साइट असुरक्षित हो चुकी है और यहां आने वाले कचरे को कोनाक्री से बाहर किसी दूसरी जगह ले जाया जाएगा।

बारिश के मौसम में पश्चिम अफ्रीका के घनी आबादी वाले शहरों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। खराब बुनियादी ढांचे और अनियोजित बस्तियों के कारण ऐसे हादसों में जानमाल का नुकसान और बढ़ जाता है।

गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओरी बाह ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने नुकसान का जायजा लेने के साथ राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की। प्रधानमंत्री ने लोगों से शांत रहने, एकजुटता बनाए रखने और बचाव सेवाओं तथा संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

बचावकर्मी मलबे को हटाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे। चश्मदीदों का कहना था कि मलबा इतना ज़्यादा था कि उसमें एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के साथ-साथ कमज़ोर घर भी दब सकते थे।

घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने बताया कि उनके पांच बच्चे मारे गए। उन्होंने कहा, “मैंने अपने सभी बच्चों को खो दिया है। अब मैं बस भगवान पर भरोसा कर सकती हूं।”

गाैरतलब है कि, अप्रैल में विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1.51 करोड़ की आबादी में से लगभग 37 लाख लोग रोजाना 4.20 डॉलर (401.70 रुपये) से कम आय पर जीवन गुजारते हैं।

गिनी में दुनिया का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार और सिमांडू में सबसे समृद्ध अप्रयुक्त लौह अयस्क भंडार है, जहां नवंबर में एक बड़ा खनन प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। लेकिन इस पश्चिमी अफ्रीकी देश में बुनियादी ढांचा खराब है और गरीबी बड़े पैमाने पर है।

गुरुवार को गिनी की क्षेत्रीय प्रशासन मंत्री जेनाबू टौरे कमारा ने घोषणा की थी कि सरकार लैंडफिल को बंद कर रही है क्योंकि यह असुरक्षित है और कचरे को कोनाक्री के बाहर दूसरी जगह ले जाया जाएगा।

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