
BIHAR:- नगर निकायों में भ्रष्टाचार पर अब लगेगा लगाम, 3 साल से एक ही डेस्क पर जमे कर्मियों का होगा तबादला, सरकार का सख्त आदेश
पटना – 21 अगस्त। बिहार सरकार ने नगर निकायों में फैल रहे भ्रष्टाचार और लापरवाही पर नकेल कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को आदेश दिया है कि 3 वर्षों से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार पर कार्यरत कर्मियों का तत्काल आवर्तन किया जाए।

विभाग के विशेष सचिव शाहिद परवेज द्वारा जारी पत्रांक संख्या- 2839 में कहा गया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 67 में प्रदत्त शक्ति के अंतर्गत कर्मियों के दायित्वों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। पत्र में स्पष्ट लिखा है कि नगर निकायों में कई कर्मचारी पूरी सेवा अवधि तक एक ही डेस्क पर काम करते रहते हैं।
विभाग के अनुसार यह प्रवृत्ति प्रतिकूल साबित हो रही है और भ्रष्टाचार का एक प्रमुख कारण बन गई है। लंबे समय तक एक ही जगह रहने से फाइलों में गड़बड़ी,सेटिंग और जनता की शिकायतें बढ़ रही हैं।
सरकार ने सभी नगर आयुक्तों और कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने नगर निकायों में चिन्हित कर एक सप्ताह के अंदर ऐसे कर्मियों का आवर्तन कर दिया जाए और की गई कार्रवाई की प्रतिवेदन विभाग को भेजी जाए। इस आदेश का असर मधुबनी नगर निगम सहित जिले की सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर पड़ेगा। खासकर राजस्व, नक्शा पासिंग,टैक्स और लाइसेंस जैसे संवेदनशील विभागों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों का तबादला तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बिचौलियों के गठजोड़ को तोड़ने में मदद मिलेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।



