
गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी, सफलता का मार्ग दिखाते गुरु : पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी-22 जुलाई। इस साल गुरु पूर्णिमा बुधवार, 29 जुलाई को मनाई जाएगी। मिथिला पंचांग के अनुसार 28 जुलाई को शाम 5.58 मिनट पर पूर्णिमा शुरु होगा। जो 29 जुलाई शाम 7.37 बजे तक पूर्णिमा रहेगा। इसकी जानकारी देते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि इस दिन ज्ञान और शिक्षा देने वाले गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। हिंदू धर्म में यह दिन महाभारत रचयिता महर्षि वेद व्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है। बौद्ध धर्म में इसी दिन भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। पं. झा ने बताया कि हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुओं का सम्मान और उनकी पूजा की जाती है। गुरुओं को वस्त्र, फल मिठाई आदि चीजों को समर्पित किया जाता है। गुरु पूर्णिमा जीवन में ज्ञान और प्रकाश के महत्व को समझने का अवसर भी है।
पं. झा ने कहा कि सनातन धर्म में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है। जीवन की हर मुश्किल घड़ी में गुरु की शरण में जाकर ही सही समाधान प्राप्त हो सकता है। हर उपलब्धि का पहला श्रेय भी गुरु को ही जाता है। सनातन परंपरा में एक दिन विशेष रूप से गुरु को समर्पित किया गया है। गुरु पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व हैं। गुरु जीवन में सही और गलत का अंतर समझाते हैं। सफलता का मार्ग दिखाते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, माता-पिता और सभी वरिष्ठजनों का सम्मान करना चाहिए। सम्मान का भाव रिश्तों को मजबूत बनाता है। इस अपने ज्ञान का उपयोग हमेशा अच्छे काम के लिए करने का संकल्प लेना चाहिए। पढ़ाई, करियर से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने का भी संकल्प लेना चाहिए।



