बिहार

संभावित बाढ़-सुखाड़ के मद्देनजर सरकार दृढ़ संकल्पितः लेशी सिंह

MADHUBANI प्रभारी मंत्री ने संभावित बाढ़-सुखाड़ की तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक

मधुबनी- 26 मई। जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए के सभागार में संभावित बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर भवन निर्माण विभाग मंत्री सह प्रभारी मंत्री मधुबनी जिला श्रीमती लेशी सिंह के अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि संभावित बाढ़-सुखाड़ के प्रभाव को कम से कम करने को लेकर सरकार दृढ संकल्पित है तथा पूरी गंभीरता के साथ प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़-सुखाड़ जैसी आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर ससमय पीड़ितों को राहत उपलब्ध कराए जाने को लेकर पूरी गंभीरता के साथ लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़-सुखाड़ दोनों ही स्थितियो में वैकल्पिक फसल योजना के लिए पूरी तैयारी अविलंब कर लें। तत्पश्चात अपर समाहर्ता, आपदा, संतोष कुमार द्वारा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में अबतक की गई संभावित बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि मधुबनी जिला पारंपरिक रूप से आपदा के प्रति संवेदनशील जिला रहा है। लगभग 18 नदियों और उसकी सहायक नदियां जिले से गुजरती हैं। उन्होंने बताया कि जिले की महत्वपूर्ण नदियों के जलस्तर प्रतिदिन प्रति तीन घण्टे पर ली जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार जून 2026 से सितंबर 2026 तक वर्षापात सामान्य से नीचे रहन की संभावना है। उन्होंने कहा कि कम वर्षापात की स्थिति की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियों को ससमय पूर्ण किया जाए। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी उपलब्ध यह सुनिश्चित करगे, ताकि किसानों को रोपनी के समय सिंचाई की दिक्कत न हो। अपर समाहर्ता ने बाढ़ पूर्व तैयारियों के आलोक में बताया कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 3069 पुल-पुलियो के भेंट की साफ-सफाई पूर्ण कर ली गई है। शेष भेंट की सफाई का कार्य प्रगति पर है। नवनिर्मित 9 में से 8 बाढ़ आश्रय स्थल एवं एसडीआरएफ भवन का कार्य पूर्ण कर हस्तगत करा दिया गया है। झंझारपुर सांसद रामप्रीत मंडल के द्वारा मधेपुर के भेजा,गढ़गांव, बकुआ आदि गांवों में चापाकल की मरम्मति में तेजी लाने का निदेश दिया गया। साथ ही वैसे तटबंधों जहां-जहां रेनकट हुआ है, उसकी जांच कर तटबंधों की मरम्मति शीघ्र करने का निदेश दिया गया।

विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर ने कहा कि हाल के दिनों में आयी आंधी-तूफान के कारण कई घरों की क्षति हुई है। उन्होंने वैसे सभी प्रभावित परिवारों का आकलन कर ससमय राहत राशि का भुगतान किया जाए। आपदा अपर समाहर्ता ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ के दृष्टिकोण से जिलान्तर्गत 93 सरकारी नाव है, जिसमे 28 परिचालन योग्य है तथा 22 मरम्मत योग्य है जिसकी मरम्मति करायी जा रही है। 41 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा रहा है। जिलान्तर्गत 07 मोटरवोट उपलब्ध है। मधुबनी जिला में विभिन्न अंचलों में 290 आपदा मित्र प्रशिक्षित है। मधुबनी जिले के सभी अंचलों को मिलाकर कुल-67320 पॉलीथिन शीटों की उपलब्धता है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में बाढ़ आश्रय स्थल की पहचान कर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बाढ़ राहत केंद्र के तहत कुल 242 शिविरों की पहचान की गई है, जिसमे 97023 लोगों की ठहरने की व्यवस्था है। इन सब के लिए सामुदायिक रसोई के लिए 231 स्थानों को भी चिन्हित किया गया है। जिसमें रोजाना कुल 92916 लोग भोजन प्राप्त कर सकते हैं। सभी चिन्हित बाढ़ आश्रय स्थलों का भौतिक सत्यापन का कार्य किया जा रहा है और उन जगहों पर पेयजल , शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं का आकलन किया जा रहा है जो अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र तीन शिफ्ट में 24 Û 7 कार्यरत है, जिसका नंबर 06276-222576 है।

जिलाधिकारी ने कहा कि 30मई 2026 को जिले के सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर संपूर्ति पोर्टल पर छुटे हुए लाभुकों का नाम जोड़ने के साथ साथ सूची को अपडेट करने का कार्य किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थित में त्वरित रूप से राहत राशि प्रदान किया जा सके। आपदा की घड़ी में मानव स्वास्थ्य के देखभाल हेतु मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी मधुबनी द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति एवं जीवन रक्षक दवाओं, हैलोजन टेबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, डीटीटी आदि अधिकांश दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा दल का गठन कर लिया गया है। अत्याधिक बाढ़ प्रभावित वाले प्रखंडों यथा मधेपुर फुलपरास घोघरडीहा, बिस्फी, मधवापुर, बेनीपट्टी एवं लौकही में वोट एम्बुलेंस के लिए मेडिकल टीम का गठन कर लिया गया है। जिले में पेयजल आपूर्ति के मद्देनजर कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी एवं लोक स्वास्थ्य प्रमंडल झंझारपुर के द्वारा कुल 9699 चापाकल में से 9555 चापाकल चालू अवस्था मे है, 102 की मरम्मति करायी जा रही है। मरम्मती दल के माध्यम से मरम्मत हेतु बंद चापाकलों की सूचना प्राप्त होने पर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाती है।

जिला कृषि पदाधिकारी मधुबनी द्वारा बताया गया कि आकस्मिक फसल योजना बनाई जा रही है। धान के बिचड़े का आच्छादन, धान की रोपनी एवं वैकल्पिक फसल जैसे अरहर, तुरिया, उड़द,कुर्थी के फसल लगाने हेतु आकस्मिक फसल योजना की अपने अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में आठ मोटर बोट है, जिसमें 01 पूर्ण रूप से खराब है। चार सेटेलाइट फोन भी उपलब्ध हैं। जिले में संकटग्रस्त समूह की पहचान कर ली गई है। प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई तैयारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता एवं गंभीरता के साथ कार्य करते रहें तो निश्चित रूप से आपदा के प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों को उनके महत्वपूर्ण सुझाव के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से आपदा के प्रभाव को हम काफी कम से कम करना है।

बैठक में संसद सदस्य रामप्रीत मंडल,विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर,जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह,अपर समाहर्ता मुकेश रंजन,अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार,नगर आयुक्त उमेश भारती,डीपीआरओ परिमल कुमार,निदेशक डीआरडीए,पंचायत राज पदाधिकारी,प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा,सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, एडीएमओ रजनीश कुमार,कार्यपालक अभियंता विद्युत मो. अरमान,जिला पार्षद सदस्य श्रीमती सईदा बानो सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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