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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को कोई नुकसान नहीं: पीयूष गोयल

नई दिल्‍ली- 07 फरवरी। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी होने के बाद वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यहां कहा कि यह हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाती है। इस समझौते से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा, कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य-शुल्क पहुंच मिलेगा।

गोयल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में अमेरिका के साथ हुए इस समझौते पर भारत सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश को विकसित बनाने की दिशा में यह समझौता अहम साबित होगा। यह समझौता उन एमएसएमई के लिए एक बड़ा कदम है, जो बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं को रोजगार देते हैं। गोयल ने बताया कि चाय, कॉफी से लेकर स्मार्टफोन, केला, अमरूद और आम तक पर शून्‍य टैरिफ’ लगेगा।

गोयल ने कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भविष्य को सामने रखकर दोनों देशों के संबंधों को देखते हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते की चर्चा की थी। उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा…आने वाले दिनों में हमारे निर्यातकों के लिए अवसर खुलते हैं। जिस प्रकार से हमारे किसानों के हितों का संरक्षण किया गया है, किसानों, डेयरी का पूर्णतः संरक्षण किया गया है…इस समझौते का देश के कोने-कोने में स्वागत हुआ है।”

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत, अमेरिका से सेब के आयात पर कोटा-आधारित शुल्क रियायत देगा, जिसके लिए न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। भारत ने अमेरिका को एल्कोहल पेय, सौंदर्य उत्पाद, चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में शुल्क छूट दी है। अमेरिका के साथ समझौता किसानों, एमएसएमई और हस्तशिल्प क्षेत्र के हितों को प्रभावित नहीं करेगा।

वाणिज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत ने किसी भी डेयरी उत्पाद, चीनी और मोटे अनाज पर अमेरिका को कोई भी शुल्क छूट नहीं दी है। भारत ने अमेरिका को एल्कोहल पेय, सौंदर्य उत्पाद, चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में शुल्क छूट दी है। अमेरिका के साथ समझौता किसानों, एमएसएमई और हस्तशिल्प क्षेत्र के हितों को प्रभावित नहीं करेगा।इस समझौते में भारतीय किसानों के हितों को सुरक्षित रखा गया है। जो हमारे किसान भारत में बनाते हैं, उनके उपजाए गए अनाजों पर अमेरिका में टैरिफ शून्य हो जाएगा। वहीं, कई ऐसे सामान हैं, जिसे अमेरिका शून्य करेगा। गोयल ने कहा कि जेनेरिक ड्रग्स, ऑटो पार्ट्स पर भी टैरिफ को भी अमेरिका द्वारा शून्य किया जाएगा।

गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर (करीब 45.28 लाख करोड़ रुपये) के व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में पैठ बढ़ाने का एक बड़ा मौका भी है।

उन्‍होंने कहा कि इस समझौते से कपड़ा और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, खिलौनों और रत्न और आभूषण जैसे लेबर इंटेंसिव क्षेत्र से अमेरिका को होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी होने से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। इसके साथ ही घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।

गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्‍यापार समझौते से हमारे निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था मोस्ट प्रीफर्ड ड्यूटी के साथ खुलती है। कल देर रात जो भारत-अमेरिका के बीच संयुक्त बयान तय हुआ, दुनिया के सामने रखा गया, इसका हर तरफ स्वागत हुआ है।

गोयल ने कहा कि आज का दिन विकसित भारत 2047 की राह में एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने अंतरिम व्यापार समझौते को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य प्रति वर्ष 500 अरब डॉलर का निर्यात कारोबार हासिल करना था। गोयल ने समझौते की घोषणा के बाद देशभर में फैली खुशी और आशावाद की भावना पर प्रकाश डाला, जो इस प्रकार है।

रत्न और फार्मा कंपनियों पर शुल्क नहीं—

गोयल ने कहा कि नए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत, कई प्रमुख वस्तुओं के अमेरिका को निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। रत्न और आभूषणों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों को भी अब शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन मिलेगा।

फार्मा, कॉफी, आम का बिना किसी शुल्‍क के निर्यात—

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि रत्न, फार्मा, कॉफी, आम और अन्य कई वस्तुएं अमेरिका को शुल्क-मुक्त निर्यात की जाएंगी। कृषि क्षेत्र में, कई भारतीय उत्पाद अब बिना किसी शुल्क के संयुक्त राज्य अमेरिका को निर्यात किए जा सकेंगे। इनमें चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, शाहबलूत और विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां शामिल हैं। अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा और अब वे अमेरिकी बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश करेंगे।

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