बिहार

MADHUBANI:- डीएओ पर खाद माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप, बर्खास्तगी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन

मधुबनी- 02 दिसंबर। जिला कृषि पदाधिकारी की बर्खास्तगी और खाद कालाबाजारी करने वालों से मिलीभगत की मांग करते हुए सैकड़ों किसानों की भीड़ शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर उमड़ पड़ी। दर्जनों ट्रैक्टर पर सवार होकर किसान समाहरणालय पहुंचकर उग्र आंदोलन करने लगे। किसानों ने अवैध गोदामों में खाद, कीटनाशक एवं उर्वरक डंप कर रखवाने वाले जिला कृषि पदाधिकारी व अन्य कृषि पदाधिकारी की संलिप्तता के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों ने प्रदर्शन करने के दौरान मधुबनी जिले में खेती को चोपट करने और किसानों के खाद एवं बीज को अवैध तरीके से बिकवाने वाले अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। किसानों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस लाइन से तत्काल भारी तादाद में फोर्स को मंगवाया गया। इनके आक्रोश को देखते हुए अश्रुगैस सहित फोर्स को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया। हालांकि किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए अंबेदकर प्रतिमा स्थल पर जमा होकर विरोध में सभा आयोजित किया और प्रशासन व सरकार को चेताया कि यदि अवैध गोदामों में खाद व उर्वरक धंधेबाजों पर प्राथमिकी एवं गिरफ्तारी के साथ संलिप्त कृषि अधिकारियों पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी नहीं होती है तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जायेगा। किसान नेता अनिल कुमार मिश्र,जयनारायण यादव,अनिल सिंह,लक्ष्मीपुर पैक्स अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, हरे राम यादव,गणेश यादव,रामपुकार यादव,जमील अहमद बब्लु,भीखो महतो,मो.हिरा,मो. सकील, रमाकांत यादव,विजयकृष्ण आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कालाबाजारी करने वाले माफियाओं एवं कृषि अधिकारियों के मामले में सीबीआई एवं आर्थिक अपराध इकाई से जांच करायी जाए। अगर जल्द जिला प्रशासन कार्रवाई नही करती है, तो किसान कृषि कार्यालय में ही कृषि अधिकारियों को नजरबंद करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिले भर में दो वर्षो से खाद माफियाओं को कृषि पदाधिकारी संरक्षण दे रहे हैं। आधे दर्जन से अधिक अवैध गोदामों को पिछले वर्ष सील किया गया। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, इस साल भी जिले के दर्जनों अवैध गोदामों में खाद एवं उर्वरक भरा हुआ है और किसानों को दोगुने कीमत में इसे लेना पड़ रहा है, जो भी सरकारी दुकान है, वहां पर किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। तथा अवैध दुकानों में अधिक कीमत पर खाद बेचा जा रहा है। अवैध गोदाम में भंडारण जिला कृषि पदाधिकारी की संलिप्ता के बिना नहीं हो सकता है। क्योंकि खाद के ट्रांसपोर्टेशन के सभी वाहनों में जीपीएस लगे होते हैं। जिलाधिकारी से ऐसे अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग किया।

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