
किताब के नहीं कारतूस के शौक़ीन हैं शिक्षा मंत्री: सुशील मोदी
पटना- 19 अगस्त। बिहार में महागठबंधन सरकार में शामिल मंत्रियों का पीछा भाजपा के नेता नहीं छोड़ रहे है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने अब राज्य के नये शिक्षा मंत्री को घेरा है। उन्होंने चंद्रशेखर यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे किताब नहीं कारतूस के शौक़ीन हैं।
सुशील मोदी ने आज ट्वीट करते हुए लिखा है- 2 साल पहले 20 ज़िन्दा कारतूस को छिपा कर लाने के आरोप में arms ऐक्ट का मुक़दमा दर्ज हुआ ।बाद में गलती हो गयी कहने पर कोर्ट ने बरी कर दिया। नीतीश कुमार ने मधेपुरा के विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर के रूप में ऐसे दबंग व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया, जो प्वाइंट 315 की दस जिंदा कारतूस बैग में छिपा कर लाने के आरोप में पकड़े गए थे। ऐसे शिक्षा मंत्री क्या सुधार करेंगे और छात्रों को क्या संदेश देंगे?
उन्होंने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा थाना में चंद्रशेखर के खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड विधान 482 के तहत 21 फरवरी 2019 को बैग में छिपाकर जिंदा कारतूस ले जाने की कोशिश में मामला दर्ज हुआ था। हालांकि विधायक के भूलवश बैग में कारतूस रख लेने की दलील स्वीकार कर हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
मोदी ने ये सवाल पूछा है कि क्या कोई गलती से हवाई यात्रा के बैग में 10 जिंदा कारतूस रख सकता है? उन्होंने कहा है कि जब लाइसेंसी रायफल साथ नहीं थी, तब चंद्रशेखर ने इतनी कारतूस क्यों छिपा कर रख ली थी ? पूछताछ में चंद्रशेखर न हथियार का लाइसेंस दिखा पाए, न कारतूस ले जाने की अनुमति का कोई अधिकृत पत्र उनके पास था। किताब की जगह कारतूसों का शौक रखने वाले को शिक्षा मंत्री बनाकर नीतीश कुमार युवाओं को सरकारी नौकरी पाने लायक नहीं, बल्कि अपहरण उद्योग चलाने में माहिर बनाना चाहते हैं।



