
JHARKHAND:- फर्जी पत्रकार और जांच अधिकारी बनकर रुपये की उगाही करने वाले दो गिरफ्तार
गढ़वा- 27 जनवरी। विशुनपुरा थाना की पुलिस ने खूद को राज्यस्तरीय जांच पदाधिकारी तो कभी पत्रकार कहकर पंचायतों में मुखिया एवं लाभुकों से पैसा ठग रहे दो फर्जी पत्रकारों को विशुनपुरा से गिरफ्तार किया है। दोनों फर्जी पत्रकारों में जयनारायण पाठक और विष्णु सिंह के नाम शामिल हैं। ये दोनों उतर प्रदेश के चदौली के रहनेवाले हैं। विशुनपुरा बीडीओ हीरक मन्ना केरकेट्टा के निर्देश पर दोनों फर्जी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुये उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने उनके पास से समय चक्र टाइम्स का परिचय पत्र, दो मोबाईल एक मोटी डायरी एवं उनकी होंडा सिटी कार (यूपी67पी-8355) को जब्त कर लिया है।
बरामद डायरी में गढ़वा जिले के सभी बीडीओ का नंबर, पंचायतों की संख्या एवं उनका लोकेशन लिखा हुआ है। साथ ही बिहार एवं उत्तरप्रदेश राज्य के प्रखंड, प्रधान का नाम एवं नंबर भी लिखे हुए हैं।
गिरफ्तार दोनों लोग अपने को विशुनपुरा बीडीओ के पास पत्रकार का परिचय देते थे। जबकि पंचायतों में जाने के बाद वहां मुखिया अथवा योजना के लाभुकों से राज्यस्तरीय जांच अधिकारी बता रहे थे। बताया गया कि पहले ये लोग बीडीओ को फोन पर समय चक्र टाइम्स के पत्रकार बोल कर पंचायत के विकास बारे में मीटिंग करने के नाम से बीडीओ से मिलते थे।
उसके बाद सभी पंचायतों में अपने को राज्यस्तरीय जांच पदाधिकारी के नाम पर एक-एक कर मुखिया से मिलते थे। इस दौरान वे पंचायत में विकास कार्यों में खर्च किये पैसे के बारे में जानकारी लेते थे।
इसमें कमी बताकर उनसे पैसे की उगाही करते थे। ये दोनों एक सप्ताह पूर्व से गढ़वा जिले में रंका, रमना, डंडई, केतार, चिनिया और विशुनपुरा प्रखंड में अधिकारियों एवं मुखिया से मिलने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच बीते संदेह होने पर इनकी पोल खुल गयी और वह पकड़े गए।
फर्जी अधिकारी बनकर ये दोनों विशुनपुरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बलराम पासवान से सात हजार रूपये और डंडई प्रखंड के सोनेहारा पंचायत के कूप योजना के लाभुक संतोष यादव से 10200 रूपये की वसूली कर चुके थे।
इसके बाद इसी तरह उन्होंने रमना प्रखंड के टंडवा पंचायत के मुखिया गुलाम अली से जांच के नाम पर भयादोहन कर 10 हजार रूपये की मांग किया था। इसमें मुखिया ने उन्हें छह हजार देकर मामला सलटाया था।



