
मधुबनी में 75 शिक्षकों पर अनधिकृत गायब रहने का आरोप, DM के निर्देश पर जांच शुरू
मधुबनी- 27 सितंबर। जिले में शिक्षकों का स्कूल नहीं पहुंचना या दूसरे से हाजिरी बनवाना बच्चों के शैक्षणिक भविष्य के साथ खिलवाड़ है। लगातार इसकी शिकायतें सामने आने से शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। साथ ही जो शिक्षक सही से ड्यूटी करते हैं उनकी भी छवि खराब हो रही है। नया मामला 75 शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति से जुड़ा है। इसको लेकर अपर समाहर्ता सह विशेष कार्य पदाधिकारी ने डीईओ को पत्र लिखकर 48 घंटे के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है ताकि वस्तुस्थिति से जिलाधिकारी आनंद शर्मा को अवगत कराया जा सके।
अपर समाहर्ता ने डीईओ अक्षय कुमार पांडेय को लिखे पत्र में कहा है कि आईटी प्रबंधक के माध्यम से प्राप्त अनधिकृत अनुपस्थिति की विवरणी संलग्न की जा रही है। सूची में वर्णित 75 शिक्षकों के मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
डीईओ ने बीईओ को लिखा पत्र—
अपर समाहर्ता के पत्र के बाद डीईओ अक्षय कुमार पांडेय एक्टिव मोड में आ गए हैं। सभी बीईओ को निर्देश दिया है कि सूची में संलग्न शिक्षकों की स्थलीय जांच कर 24 घंटे के अंदर स्पष्ट मंतव्य के साथ जांच प्रतिवेदन डीईओ कार्यालय में जमा करें। यदि शिकायत प्रमाणित पाई जाती है तो आरोप पत्र गठित करते हुए या अपने स्तर से अनुशासनिक कार्रवाई कर प्रतिवेदन दें।
गंभीर आरोप—
सहयोग पोर्टल पर की गई शिकायतों में गंभीर आरोप लगे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरभंगा में आरोप है कि सभी शिक्षक अगल-बगल के हैं और हाजिरी लगाकर घर चले जाते हैं। खैरी बांका उत्तरी में शिक्षक बिना सूचना के गायब रहते हैं, स्कूल गेट पर ही शिक्षक की मेडिकल शॉप है। प्रार्थना 12 बजे होती है। मध्य विद्यालय विक्रमशेर में 2 घंटे से ज्यादा पढ़ाई नहीं होती है। प्राथमिक मध्य विद्यालय पर्वतीय टोल में बिना सचिव के ही सारा काम होने और कभी खाना नहीं बनने व मास्टर के नहीं आने की शिकायत है। प्राइमरी स्कूल पदमा मुशहरी में हेडमास्टर के शराब पीकर स्कूल आने का आरोप है। उमवि इनरवा पुरव में प्रभारी बीईओ की मिलीभगत से शिक्षिका मीनू कुमारी के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत है। इसी तरह कुल 75 शिक्षकों पर विभिन्न आरोप लगे हैं।



