
पंजाब सरकार की बड़ी कार्रवाई-लापरवाह एक दर्जन पुलिस अधिकारी निलंबित
चंडीगढ़- 10 अप्रैल। पंजाब सरकार ने जनता की सुनवाई में लापरवाही और मामलों की जांच में कोताही बरतने के आरोप में एक दर्जन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पंजाब में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला मौका है, जब इतने बड़े स्तर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
पंजाब पुलिस प्रवक्ता के अनुसार लुधियाना ग्रामीण जिले के तहत आने वाले थाना दाखा के एसएचओ और खन्ना व जगराओं के एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दाखा थाना के एसएचओ प्रेम सिंह, थाना जोधां के एएसआइ गुरमीत सिंह, लुधियाना ग्रामीण पुलिस लाइन में तैनात एएसआइ गुरमीत सिंह, खन्ना के सिटी दो थाने में तैनात एएसआइ मेजर सिंह और एएसआई सोहन सिंह, सिटी थाने में तैनात एएसआइ बलजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा शहीद भगत सिंह नगर जिले के थाना बंगा के एएसआई सुखपाल सिंह, थाना राहों से एएसआई जसविंदर सिंह और थाना बलाचौर से एएसआई पुष्पिंदर कुमार को भी निलंबित किया गया है। एसएचओ दाखा प्रेम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने माया जाट नाम की महिला की शिकायत पर राजनीतिक दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की। यह मामला अक्टूबर 2020 का है।
एएसआई गुरमीत सिंह पर कई मामलों में खराब जांच और कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल नहीं करने के आरोप हैं। वहीं, पुलिस लाइन में तैनात एएसआइ गुरमीत सिंह पर लोगों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप हैं। खन्ना के तीन एएसआइ में से एएसआइ मेजर सिंह पर जुलाई 2021 के एक मारपीट के मामले में बिना मेडिकल रिपोर्ट धारा 325 जोडऩा और फिर उसे हटा देने जैसे लापरवाही के आरोप हैं। एएसआइ बलजीत सिंह और एएसआई सोहन सिंह ने दो केसों के चालान अदालत में देरी से पेश किए। इनमें से एक मामला तो पुलिसकर्मी से मारपीट और वर्दी फाडऩे का था।
शहीद भगत सिंह नगर के एएसआई सुखपाल सिंह पर 10 केसों, एएसआई जसविंदर सिंह पर तीन और एएसआइ पुष्पिंदर कुमार पर सात मामलों में लापरवाही से काम करने के आरोप हैं। इनमें मामलों में माइनिंग से लेकर एनडीपीएस के केस शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मोगा में दो एएसआई को निलंबित किया है। इनमें से एक बिलासपुर चौकी के प्रभारी थे। उन पर लोपो पुलिस चौकी प्रभारी के कार्यकाल के दौरान कथित रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। थाना बधनीकलां में तैनात एएसआइ गुरमेल सिंह को भी निलंबित किया गया है।



