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उप्र में विधायक निधि हुई 5 करोड़, मुख्यमंत्री योगी ने की घोषणा

लखनऊ- 31 मई। उत्तर प्रदेश में विधायक निधि अब पांच करोड़ होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान मंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को सदन में इसकी घोषणा की। नेता प्रतिपक्ष एवं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने आज कहा कि सरकार सदन के सदस्यों की मांग के अनुरूप विधायक निधि को तीन करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ किया जा रहा है। दरअसल कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा मोना और बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने विधायक निधि बढ़ाने की मांग की थी।

इससे पहले, वर्ष 2018 में विधायक निधि को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया था। अब इस निधि के पांच करोड़ होने से विधायक गण अपने-अपने क्षेत्र में ज्यादा विकास कार्य करा सकेंगे। विधायक निधि की बढ़ोतरी के फैसले की नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने भी सराहना की और उन्होंने सदन के सभी सदस्यों को इसके लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान आठ दिन की कार्यवाही हुई है। सदन देर रात तक चला है। इसमें भाग लेने के लिए उन्होंने नेता प्रतिपक्ष समेत सदन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस दौरान सदन से योगी सरकार का बजट भी पारित हुआ। इसके लिए भी मुख्यमंत्री योगी ने सदन के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। योगी सरकार ने 26 मई को 6 लाख 15 हज़ार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बजट का दायरा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का बजट जो करीब तीन लाख करोड़ रुपये का था, वह अब दोगुना होकर छह लाख 15 हज़ार करोड़ रुपये का हो गया है।

योगी ने कहा कि यह बजट प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को मजबूत करेगा तथा गरीब किसान, अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के विकास को गति देगा एवं एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के स्वप्न को साकार करने वाला होगा।

छह जून को विधानमंडल का संयुक्त सत्र, राष्ट्रपति करेंगे संबोधित

बजट पारित होने के बाद विधान सभा के बजट सत्र की कार्यवाही को छह जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में छह जून को उप्र विधान मंडल का संयुक्त सत्र आयोजित किया जाएगा। इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे। इस संबंध में मंगलवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने संयुक्त सत्र के सुचारु रूप से संचालन के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग के लिए अनुरोध किया।

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