
MADHUBANI: ‘कथा 89 की’ अतिक्रमण के चपेट में शहर का तिलक चौक तालाब, रहिका अंचल प्रशासन उदासीन
मधुबनी- 08 जुलाई। शहर के विवादित खेसरा 89 की तरह स्थानीय तिलक चौक तालाब की जमीन का अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिससे रहिका अंचल प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना है। इस तालाब की जमीन की बिक्री की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। तिलक चौक तालाब की जमीन का अतिक्रमण को लेकर लगातार आवाज उठाए जाने के बाद भी रहिका अंचल प्रशासन की निंद नहीं खुल रही है। इसको लेकर कई दफे स्थानीय लोगों द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद भी प्रशासन सिर्फ खानापूरी कर दिया जाता रहा है। बतादें कि शहर के बीचोबीच तिलक चौक तालाब एक दशक से अतिक्रमित होने के साथ-साथ गंदगी से अटा-पटा है।
रहिका प्रखंड अन्तर्गत सैरात सूची में शामिल तिलक चौक तालाब के चारो ओर अतिक्रमण ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा तालाब में गंदगी व नाले की दूषित पानी बहाए जाने की शिकायत बढ़ती चली गई। खेसरा 287 वाली तिलक चौक तालाब के भिंडा की अतिमू्ल्यवान जमीन पर स्थानीय लोगों के अलावा भू-माफियाओं की नजर वर्षों से बनी रही है। तिलक चौक तालाब की बदहाली समाज के लिए अभिशाप साबित हो रहा है।
गंदगी व दूषित जल के कारण गर्मी के दिनों में इसकी बदबू पर्यावरण को प्रदूषित करने जैसा साबित हो रहा है। तालाब की गंदगी मच्छर के प्रकोप को बढ़ावा दे रहा है। सैरात सूची में शामिल तिलक चौक तालाब के एक भिंडा पर चिकेन की दुकानों से निकलने वाले अवशिष्ट खुले में फेंकने से बीमारी की आशंका बनी रहती है।



