
बिहार के लाखों शिक्षकों का वेतन अटका: वित्त विभाग ने पकड़ी गड़बड़ी, अब 100% सत्यापन के बाद ही मिलेगा वेतन
पटना- 13 अक्टूबर। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए बड़ी खबर है। उनका अगला वेतन फिलहाल रोक दिया गया है। वित्त विभाग द्वारा वेतन भुगतान के आंकड़ों में गंभीर विसंगति मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में 100% वेरिफिकेशन का आदेश दिया है। इस संबंध में निदेशक (प्रशासन), शिक्षा विभाग विजय कुमार पांडेय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त पत्र जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा विभाग के अनुसार, वित्त विभाग के पत्र में बताया गया है कि CFMS/HRMS के माध्यम से हो रहे वेतन भुगतान में भारी अनियमितता है। जिला स्तर पर Maker, Checker और Approver अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं और बिना सम्यक जांच के ही वेतन विपत्र कोषागार में भेजा जा रहा है। परीक्षण के दौरान आंकड़ों में विसंगति मिली है, जिसे वित्त विभाग ने गंभीरता से लिया है।
DEO को दिए गए 4 बड़े निर्देश:—
वेतन भुगतान से पहले HRMS में दर्ज प्रत्येक शिक्षक के सभी तथ्यों की विधिवत जांच करें। हर जिले में एक टीम गठित कर शत-प्रतिशत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के HRMS DATA का सत्यापन 22 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना है। इसके बाद ही अगले महीने का वेतन जारी होगा। DEO को विभाग को लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि सत्यापन सूची में शामिल सभी कर्मियों का वेतन उनकी अनुमान्यता के अनुसार दिया जा रहा है और कोई विसंगति नहीं है। यदि DATA सत्यापन के दौरान कोई अनियमितता मिलती है, तो उसकी सूचना भी निदेशालय को देना अनिवार्य है।
वित्त विभाग के पत्र में निहित सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस आदेश के बाद तय है कि यदि 22 अक्टूबर तक सत्यापन पूरा नहीं हुआ तो राज्य के लाखों शिक्षकों का अक्टूबर माह का वेतन लेट हो सकता है।



