
वामदलों के आह्वान पर दरभंगा में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन, नेयाज अहमद ने कहा- रद्द हो बिहार-बंगाल चुनाव
दरभंगा- 26 सितंबर। वामदलों के देशव्यापी आह्वान के तहत चुनाव चोरी के विरोध में चल रहे विरोध सप्ताह के पहले दिन दरभंगा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने लक्की ट्रेडर्स, चक जमाल से दरभंगा-मुजफ्फरपुर रोड NH-57 स्थित बाजार समिति चौक तक प्रतिवाद मार्च निकाला और बाजार समिति चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य सह इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि मोदी सरकार वोट चोरी के मामले में चुनाव आयोग को गिरफ्तार करने के बजाय जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे नेताओं को गिरफ्तार कर रही है। भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा सहित छात्र-युवा और बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी, पुलिस द्वारा बर्बरता, लड़कियों तक के कपड़े फाड़ना शर्मनाक और लोकतंत्र विरोधी है।
नेताओं ने कहा- SIR की प्रक्रिया रद्द हो
भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि SIR की प्रक्रिया को रद्द किया जाए। विभिन्न राज्यों में अब तक काटे गए करीब 10 करोड़ मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में फिर से शामिल किया जाए। बिहार और बंगाल में पुनः चुनाव कराया जाए।
उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग की नियुक्ति करने वाली कमेटी को भंग कर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, प्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता को शामिल कर नई कमेटी बनाई जाए और चुनाव आयोग पर महाभियोग चलाकर गिरफ्तारी की जाए।
जिला कमेटी सदस्य नंदन सिंह और केशरी यादव ने कहा कि विपक्ष को सत्ता में नहीं आने देने के लिए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से देश के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर गृह मंत्री को शामिल किया गया और चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई न हो सके, इसके लिए कानून पास करवा लिया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री की रहनुमाई में 10 करोड़ लोगों के मताधिकार को छीना है, जो देशद्रोही कृत्य है।
प्रतिवाद मार्च में पप्पू कुमार पासवान, शिवन यादव, मो. जमशेद, खुशतर अली, मो. प्यारे मोहन, मो. हम्माद, मो. शहजादा, कैलाश पासवान, कोमलकांत यादव, गोविंद यादव, पिंटू कुमार, मो. तौकीर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।



