
बिहार कैबिनेट की बैठक में गया के विष्णुपद कॉरिडोर के लिए 3516 करोड़, जेलों में खुलेंगे पेट्रोल पंप, 366 डॉक्टरों की होगी संविदा भर्ती सहित 17 प्रस्तावों कर लगी मुहर
पटना- 15 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। कृषि विभाग के 3 फैसले में मखाना विकास योजना के लिए 2026-27 में 89.79 करोड़ रुपये स्वीकृत। ऑयल पाम मिशन (NMEO-OP) के लिए 2.10 करोड़ रुपये स्वीकृत। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए दो वर्ष हेतु 78.34 करोड़ की योजना स्वीकृत, जिसमें इस वर्ष के लिए 68.66 करोड़ की निकासी को मंजूरी दी गई है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के 3 फैसले में राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और व्याख्याता के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति तक संविदा पर भर्ती की स्वीकृति। राज्य के 5 मेडिकल कॉलेजों – बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा भर्ती की स्वीकृति तथा अलौली, खगड़िया के डॉ. रवि शंकर प्रसाद के 2021 से लगातार अनुपस्थित रहने पर सेवाच्युति की कार्रवाई। सिविल विमानन, पशु एवं खान विभाग में पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना में प्राइवेट स्कूल के लिए 6 पदों के सृजन और 45.98 लाख सालाना व्यय की स्वीकृति। राज्य में हवाई संपर्क विस्तार के लिए MoU की स्वीकृति। बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति। ईंट-भट्ठों के बकाया राशि के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना स्वीकृत। बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 स्वीकृत।
सबसे बड़ा फैसला पर्यटन विभाग का—
सबसे बड़ा फैसला पर्यटन विभाग का रहा। गया के विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए कुल 3516.05 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति। इसमें कॉरिडोर के लिए 2520 करोड़ और नदी जोड़ के लिए 996.05 करोड़ शामिल हैं।
जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 स्वीकृत—
अन्य महत्वपूर्ण फैसले में बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों का सृजन। कारा विभाग की खाली भूमि पर पेट्रोल पंप के लिए नई नियमावली-2026 स्वीकृत। पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जेल में इंडियन ऑयल तथा बक्सर और भागलपुर जेल में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा पंप खोले जाएंगे।
ग्रामीण विकास विभाग में विकसित भारत-जी राम जी शिकायत निवारण नियमावली, 2026 स्वीकृत। जल संसाधन विभाग में बाढ़ एवं सिंचाई के लिए आकस्मिकता निधि से 1000 करोड़ रुपये अग्रिम की स्वीकृति तथा जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 स्वीकृत।



