
MADHUBANI:- जांच के दायरे में रहिका के कई CO, CI, राजस्व कर्मी और लिपिक, हो सकती बड़ी कार्रवाई
मधुबनी- 18 जुलाई। शहर में दशकों से तालाबों की जमीन की बिक्री और उसका दाखिल खारिज का मामला अब जिला प्रशासन के लिए गहन जांच का मामला बन गया है। साल 2009 से लेकर 2025 तक रहिका अंचल में कार्यरत अंचल अघिकारियों, अंचल निरीक्षकों और राजस्व कर्मचारियों के कार्यकलापों की गहन जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर चल रही जांच से कई अंचल अधिकारियों, अंचल निरीक्षकों, राजस्व कर्मचारियों और अंचल के कई लिपिकों पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। विभागीय स्तर पर चल रही जांच को लेकर अंचल कर्मियों में हड़कंप मचा है।
सूत्र बताते है कि साल 2009 से बाद के सालों में शहर के कुछ तालाबों की जमीन का दाखिल खारिज किया गया है। जिसमें शहर के तिलक चौक और भाकपा कार्यालय के पीछे एक तालाब की जमीन का केवाला भी शामिल है। सूत्र बताते है कि इसके अलावा थाना चौक से डाकघर जाने वाले इलाके की प्रतिबंधित खेसरा संबंधी केवाला का दाखिल खारिज भी शामिल है। जिसकी जांच पूर्व से चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि 2009 में शहर के दो अलग-अलग तालाब की जमीन एक व्यवसायी ने निज जमीन बताते हुए लोगों को बेच दी।केवाला कराने वालों में शहर के एक दर्जन से अधिक लोग शामिल है। इसके अलावा तालाब की जमीन केवाला कराने में रहिका अंचल में पदस्थापित तत्कालीन एक राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय के एक लिपिक भी शामिल हैं। इन केवालों का साल 2009 दाखिल खारिज किए जाने की बात बताई जा रही है।



