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पश्चिम बंगाल में बंपर मतदान-पहले चरण में शाम 5 बजे तक 89.93 प्रतिशत वोटिंग

कोलकाता- 23 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। राज्य की 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर शाम 5 बजे तक कुल 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। भारी मतदान ने राज्य की सियासी तस्वीर को और रोचक बना दिया है, क्योंकि इसे मजबूत जनादेश और बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

शाम 5 बजे तक कई जिलों में मतदान का प्रतिशत 90 के पार पहुंच गया। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद कूचबिहार में 92.07 प्रतिशत, बीरभूम में 91.55 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 91.36 प्रतिशत और जलपाईगुड़ी में 91.20 प्रतिशत मतदान हुआ।

पश्चिम मेदिनीपुर में 90.70 प्रतिशत और झाड़ग्राम में 90.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, उत्तर दिनाजपुर, बांकुड़ा और मालदा जैसे जिलों में भी मतदान करीब 90 प्रतिशत के आसपास रहा। दार्जिलिंग, पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान और पूर्व मेदिनीपुर में विभिन्न बूथाें पर पूरे दिन मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

सबसे कम मतदान कालिम्पोंग में दर्ज किया गया, जहां 81.98 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो फिर भी उल्लेखनीय मानी जा रही है।

सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह से मतदान में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर शाम तक मतदान केंद्रों के बाहर भारी भीड़ बनी रही।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों से हिंसा, झड़प और ईवीएम में गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आईं, बावजूद इसके मतदान का उत्साह कम नहीं हुआ।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में इन 152 सीटों पर लगभग 83.2 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में यही आंकड़ा 79.8 प्रतिशत रहा था। इस बार शाम 5 बजे तक ही मतदान 89.93 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे यह साफ है कि पिछली दोनों चुनावी प्रक्रियाओं के मुकाबले इस बार मतदान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

राज्य में इस बार का मतदान राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। इससे पहले देश में सर्वाधिक मतदान का रिकॉर्ड कई राज्यों में रहा है, जिनमें असम का 85.38 प्रतिशत और पुदुचेरी का 89.93 प्रतिशत मतदान शामिल रहा है। लेकिन पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग ने इन आंकड़ों को पीछे छोड़ने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं।

बंपर मतदान के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अधिक मतदान को आमतौर पर बदलाव या मजबूत जनादेश के संकेत के रूप में देखा जाता है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजरें अब आगामी चरणों के मतदान पर टिक गई हैं।

पहले चरण के बाद अब अगले चरणों की वोटिंग और अंतिम परिणामों पर पूरे राज्य की निगाहें हैं, जो यह तय करेंगे कि इस ऐतिहासिक मतदान का राजनीतिक अर्थ क्या निकलता है।

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