बिहार

स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए तकनीकी शिक्षा अहम: स्वास्थ्य मंत्री

पटना-13 दिसंबर। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय ’अवसर बढ़े आगे पढ़े’ के तहत प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से बीस जिले में संचालित सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों में सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्सों को मान्यता प्रदान की गई है। इसमें बक्सर,गोपालगंज,मुंगेर, सहरसा,लखीसराय,जमुई,अरवल, सारण,खगड़िया,मधुबनी,वैशाली, पूर्वी चंपारण, सुपौल, भभुआ, जहानाबाद, शेखपुरा, कटिहार,पश्चिम चंपारण, पूर्णिया एवं किशनगंज जिला शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग छात्र-छात्राओं को प्रदेश में ही तकनीकी शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए इन जिलों के पारा मेडिकल संस्थानों में कोर्स के लिए कुल 2,135 सीटें आवंटित की गई है। अगले शैक्षिक सत्र से नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य के लिए भी तकनीकी शिक्षा बेहद अहम होता है। इसको ध्यान में रखकर सात निश्चय कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कई पारा मेडिकल संस्थान खोले गए, जहां पर कई सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।

मंगल पांडेय ने कहा कि कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में रोजगार भी प्राप्त हो रहे हैं। तकनीकी शिक्षा के बढ़ते महत्व और रोजगारप्रद होने के कारण विभाग द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक की आवश्यकता को देखते हुए पारा मेडिकल संस्थानों में अधिक से अधिक कोर्स शुरू किये जा रहे हैं। 20 जिले में चल रहे सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ईसीजी,एक्सरे, रेडियोलोजी,ऑर्थोपेडिक एंड प्लास्टर, मेडिकल ड्रेसर समेत कई अन्य कई प्रकार के कोर्स शामिल हैं।

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