
CJP ने युवाओं से संविधान बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरने की अपील की, आशुतोष रांका और सौरभ दास ने कहा, देश में 1975 जैसी अघोषित आपातकाल स्थिति बना दी गई
नई दिल्ली- 11 अक्टूबर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने छात्र संगठनों और देश के युवाओं से संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराने की अपील की।
दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दोनों प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतंत्र को दबाने और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली को सैन्य छावनी में तब्दील कर दिया गया था और देश में 1975 जैसी अघोषित आपातकाल स्थिति बना दी गई।
सौरभ दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को बिना किसी वैध दस्तावेज या गिरफ्तारी वारंट के विमान से ही हिरासत में ले लिया। फोन जब्त कर लिए गए और जब्ती सूची भी नहीं दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि हिरासत के दौरान डिजिटल उपकरणों से छेड़छाड़ या डेटा प्लांटिंग की जा सकती है और वकीलों से संपर्क के मौलिक अधिकार से भी वंचित रखा गया।
दास ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने और व्यवस्थागत खामियों को छिपाने के लिए की जा रही है और बड़े पैमाने पर युवा और जेन-जी वोटरों के अधिकारों की अनदेखी हुई है।
वहीं, आशुतोष रांका ने कहा कि शनिवार को सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से बीएसएफ सहित केंद्रीय बलों की टुकड़ियों को बुलाकर 40 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए। 57 मेट्रो स्टेशनों, अंतरराज्यीय रेल सेवाओं और प्रमुख राजधानी ट्रेनों के परिचालन को बाधित किया गया। आम नागरिकों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर अघोषित रोक लगाकर आंदोलन के खिलाफ माहौल बनाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में शरण लेने वाले प्रदर्शनकारियों को निकालने के लिए धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया और सीजेपी के मुंबई समन्वयक प्रणय के साथ हिरासत में बर्बरता की गई।



