
MADHUBANI:- भूतही बलान का कहर: सड़क-तटबंध की बदहाली पर फूटा गुस्सा, मिथलांचल संघर्ष समिति ने दिया दिसंबर में चक्का जाम का अल्टीमेटम
मधुबनी, 10 अक्टूबर। फुलपरास-घोघरडीहा में जर्जर सड़क और भूतही बलान तटबंध की दुर्दशा अब आंदोलन की वजह बनेगी। मिथलांचल संघर्ष समिति ने दिसंबर में चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
समिति अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने कहा कि सरकार वर्षों से मांग को अनसुना कर रही है। निर्मली से घोघरडीहा-किशनीपट्टी तक मिलान पथ बेहद संकरा है, तो परसा-बसुआरी हॉल्ट से मुजियासी-सुरीयाही-गोरगामा तक सड़क पूरी तरह जर्जर है। तटबंध पर पैदल चलना भी जोखिम भरा है।
एकम्मा पुल से फुलपरास तक पश्चिमी तटबंध और एकम्मा पुल से नरहिया होते हुए परसा-बसुआरी रेल लाइन तक पूर्वी तटबंध का पक्कीकरण-चौड़ीकरण, और बलानपट्टी-घत्ता टोल के बीच नया पुल निर्माण की जरूरत होने के बाद भी यह क्षेत्र उपेक्षित रहा है। पुल के अभाव में एक ही पंचायत के लोगों को 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
2.98 करोड़ का गर्डर बहने की घटना से जुड़ा तार
समिति ने बताया कि यह दर्द नया नहीं है। 1987 की प्रलयंकारी बाढ़ में भूतही बलान का पुल टूटने के बाद से कालीपुर, धनखोर, परसा समेत दर्जनों गांव आज तक प्रभावित हैं। मधेपुर के भेजा गांव, ललवारही टोला में 2.98 करोड़ की लागत से बन रहे 75 मीटर लंबे पुल का 25 मीटर का गर्डर और शटरिंग नदी के तेज बहाव में समा गया था। नेपाल में बारिश से जलस्तर बढ़ने से शटरिंग की जमीन ही बह गई थी।
इं. यादव ने चेतावनी दी कि नवंबर तक निर्माण शुरू नहीं हुआ तो दिसंबर के पहले सप्ताह में घोघरडीहा और फुलपरास में चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



