
ई-केवाईसी के नाम पर गैस कनेक्शन ब्लॉक करना महिलाओं को कतारों में उलझाने की भाजपा सरकार की नीति: कांग्रेस
पटना- 11 अक्टूबर। बिहार में ई-केवाईसी के कारण 34 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक किए जाने की खबरों पर बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को गैस कनेक्शन बंद होने की चिंता और दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की परेशानी में डालना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि बड़ी संख्या में वास्तविक उपभोक्ताओं के कनेक्शन बाधित हुए हैं, तो सरकार तत्काल समीक्षा कर प्रभावित परिवारों को राहत दे।
अभिषेक झा ने कहा कि भाजपा सरकार का एजेंडा महिलाओं को सशक्त बनाना है या उन्हें गैस कनेक्शन, केवाईसी और सरकारी दफ्तरों की कतारों में उलझाए रखना है? एक ओर नारी शक्ति के सम्मान की बात होती है, दूसरी ओर महिलाएं रसोई की बुनियादी जरूरत के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में जनता को नोटबंदी, बैंक खाते, दाखिल-खारिज जैसी लंबी प्रक्रियाओं में उलझाया जाता है। अब ई-केवाईसी से लाखों परिवारों की रसोई प्रभावित हो रही है, जनता को प्रक्रियाओं में उलझाना सुशासन नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, शिक्षा, पेपर लीक, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनता अनावश्यक तकनीकी समस्याओं में न फंसे। गैस कनेक्शन का मुद्दा जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से ध्यान भटकाने का माध्यम नहीं बन सकता। उन्होंने मांग की कि ई-केवाईसी अनिवार्य है तो प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल हो। सही दस्तावेज रखने वाले वास्तविक लाभार्थियों के कनेक्शन केवल प्रक्रिया संबंधी कारणों से बाधित न हों। सरकार ब्लॉक कनेक्शनों की संख्या, कारण और राहत के उपायों की जानकारी सार्वजनिक करे।
भाजपा को समझना होगा कि देश की महिलाएं केवल रसोई और कतारों तक सीमित नहीं हैं। वे रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की भी मांग करती हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि प्रभावित उपभोक्ताओं की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। किसी पात्र परिवार को गैस से वंचित न किया जाए।



