
मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त किया जाए – वामदल, मधुबनी में प्रधानमंत्री का पुतला दहन
मधुबनी- 26 सितंबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर वामपंथी दलों ने मधुबनी में जोरदार प्रदर्शन किया। भाकपा, भाकपा-माले और माकपा के संयुक्त बैनर तले महासंघ कार्यालय गेट से जुलूस निकालकर मुख्य सड़क होते हुए थाना चौक पर प्रतिरोध मार्च किया गया। प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। जुलूस का नेतृत्व भाकपा के जिला सचिव मिथिलेश कुमार झा, माले के ध्रुव नारायण कर्ण और माकपा के मनोज कुमार यादव ने किया। हाथों में लाल झंडा थामे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए वाम नेताओं ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो गई है। SIR को रोकने, गलत तरीके से काटे गए मतदाताओं के वोटिंग अधिकार को बहाल करने की मांग की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा डेटाबेस का केंद्रीकरण करना लोकतंत्र को समाप्त करने की बड़ी साजिश है। नेताओं ने कहा कि यह भारतीय चुनाव आयोग की पारदर्शिता, जनतांत्रिक कामकाज और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के बुनियादी सिद्धांत की सुरक्षा का सवाल है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र में अपराध किया है। उन्हें तुरंत पद से हट जाना चाहिए।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह आरएसएस और भाजपा के इशारे पर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार अपनी आपत्ति नोट बुक में दर्ज की, लेकिन मुख्य आयुक्त ने सभी बातों को दरकिनार कर फॉर्म-6 लाकर स्वयं कानून बना डाला, जबकि फॉर्म-6 में बदलाव के लिए लोकसभा से कानून पारित करना होता है।
मोदी सरकार ने 2023 में कानून बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, जो जनतंत्र के लिए घातक है। नेताओं ने बिहार और बंगाल का चुनाव दोबारा कराने की मांग की और कहा कि यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी तक जारी रहेगा।
प्रदर्शन में मनोज मिश्र, लक्ष्मण चौधरी, श्याम पंडित, विशंभर कामत, रामजी यादव, दिलीप झा, मोतीलाल, संतोष कुमार, मयंक कुमार, पुरणेंदु कुमार, शशिभूषण प्रसाद, बाबूलाल महतो, सत्यनारायण राय, जुबैर अंसारी, गणेश झा, अजीत ठाकुर, मो. इमरान, सैनी शाह, साफी साह, नबीशी खातून, बेबी खातून, बिंदु यादव, अरुण यादव, उषा देवी, कैलाश पासवान, रेखा देवी, मुन्नी खातून सहित बड़ी संख्या में वाम कार्यकर्ता शामिल थे।



