
रिश्वत मामले में दोषी राजस्व कर्मचारी की मुश्किलें बढ़ीं, AAP नेता ने की संपत्ति जांच की मांग
मधुबनी, 26 सितंबर। रिश्वत मामले में दोषी करार दिए गए रहिका अंचल के पूर्व राजस्व कर्मचारी नारायणजी झा की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (कार्यक्रम प्रकोष्ठ) इंजी. गौरीशंकर यादव ने निगरानी विभाग और जिला प्रशासन से उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर बेनामी चल-अचल संपत्ति सीज करने की मांग की है।
यादव का आरोप है कि नारायणजी झा ने रहिका, पंडौल और राजनगर अंचल में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान पत्नी और अन्य परिजनों के नाम पर मधुबनी शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में बेनामी संपत्तियां अर्जित की हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के भाकपा कार्यालय के पीछे स्थित एक तालाब की जमीन का केवाला पत्नी के नाम कराया गया है। इसी तरह रहिका अंचल के एक तत्कालीन लिपिक पर भी तालाब की जमीन पत्नी के नाम कराकर दाखिल-खारिज कराने का आरोप लगाया गया है।
बता दें कि रहिका अंचल के हल्का नंबर-3 के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी नारायणजी झा को 19 मई 2014 को जमीन की जमाबंदी रद्द कराने के एवज में 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने लहेरियागंज स्थित उनके आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। 12 साल तक चली सुनवाई के बाद मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी अदालत के न्यायाधीश दशरथ मिश्र ने उन्हें दोषी करार दिया है।
इंजी. गौरीशंकर यादव ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि नारायणजी झा के कार्यकाल के दौरान रहिका, पंडौल और राजनगर अंचल में की गई सभी जमाबंदी, दाखिल-खारिज की फाइलों की पुनः जांच कराई जाए।



