
इस्लाम अपनाने वालों को आरक्षण नहीं देने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु सरकार
नई दिल्ली- 08 जुलाई। तमिलनाडु सरकार ने धर्म बदलकर इस्लाम अपनाने वालों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम श्रेणी में आरक्षण देने से इनकार करने के मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि आरक्षण की सुविधा इसलिए दी गई थी ताकि धर्म परिवर्तन के बाद भी सामाजिक रुप से पिछड़े लोगों को मुख्यधारा में लाया जा सके।
दरअसल, मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार के 2024 के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत एससी या ओबीसी से इस्लाम धर्म में शामिल होने वालों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम माना जाता था। मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि केवल धर्म बदलने से कोई भी व्यक्ति अपनी जन्म आधारित सामाजिक श्रेणी के अंदर नहीं आ सकता है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि इस्लाम धर्म पूरी तरह से समानता का उपदेश देता है इसलिए इस आधार पर आरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता है। मद्रास उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।



