
बदले की भावना से काम न करें विधायक: भगवंत मान
चंडीगढ़- 20 मार्च। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए बने विधायकों को सीख दी है कि वह बदले की भावना से काम करने की बजाए सर्वहित में काम करें और जनता को इंतजार न करवाएं। किसी भी थाना प्रभारी, डाक्टर व तहसीलदार को धमकाने की जरूरत नहीं है। विधायकों की कार्यप्रणाली जांचने के लिए हर छह माह में सर्वे करवाया जाएगा
मोहाली में रविवार को पंजाब भर से आए हुए विधायकों को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि विधायक सभी हलका निवासियों का होता है। इसलिए बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवाने पर फोकस किया जाए। मान ने कुछ नेताओं के वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि पंजाब में सत्ता परिवर्तन हुआ है लेकिन हमें पुराने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ रहकर ही सिस्टम को बदलना है। इसलिए किसी भी थाना प्रभारी, डाक्टर व तहसीलदार को धमकाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि आप सरकार में गलत काम करने वालों के साथ-साथ करवाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।भगवंत मान ने विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह अपने इलाके में किसी भी थाना प्रभारी, एसएमओ या तहसीलदार को बदलवाने के लिए चंडीगढ़ न आएं। उन्होंने सभी विधायकों को अपनी कार्य प्रणाली जनहित में चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि समय के पाबंद रहकर चलें। जनता को इंतजार नहीं करवाना है। जनता को इंतजार करवाने वाले विधायकों को पांच साल बाद जनता इंतजार करवाएगी।
पंजाब के सीएम ने कहा कि सरकार ने 25 दिन में 25 हजार नौकरियों पर भर्तियों का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कोई भी विधायक सिफारिश लेकर न आए। उन्होंने कहा कि विधायकों की कार्यप्रणाली जांचने के लिए हर छह माह में सर्वे करवाया जाएगा जिसके आधार पर विधायक का रिपोर्ट कार्ड बनेगा। उन्होंने पंजाब के विधायकों को निर्देश दिए कि वह अपने विधानसभा क्षेत्रों के मुख्य शहरों में दफ्तर खोलकर बैठें और आम जनता की सुनवाई करें।



