
बिहार के बीजू आम को बचाने वाले मधुबनी के किसान कपिलदेव झा लखनऊ के राष्ट्रीय कार्यशाला में हुए सम्मानित
मधुबनी – 16 सितंबर। बिहार के देसी बीजू आम की विलुप्त हो रही विरासत को बचाने वाले मधुबनी के दो किसान बिरौल के कपिलदेव झा व लखनौर दीप के शक्तिनाथ झा ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), रहमानखेड़ा, लखनऊ के 43वें स्थापना दिवस समारोह सह कृषक-वैज्ञानिक वार्ता एवं जलवायु अनुकूल स्मार्ट आम के टिकाऊ उत्पादन पर राष्ट्रीय कार्यशाला में मधुबनी के इन किसानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। 7 सितंबर को लखनऊ में आयोजित होगा। कार्यशाला में “बिहार के देसी बीजू आम की विविधता एवं गिरावट का मूल्यांकन और संरक्षण रणनीति – फेज II” परियोजना के प्रधान अन्वेषक संजय कुमार सिंह द्वारा किया गया।
किसान कपिलदेव झा ने बताया कि इनके पास आम के 3500 पेड़ हैं। इन्होंने दशहरी के बीजू आम और ‘रारी’ जैसी अनूठी किस्म को खोज कर संरक्षित किया है। आम के 3500 पेड़ हैं। दशहरी के बीजू आम और ‘रारी’ जैसी अनूठी किस्म को खोज कर संरक्षित किया है। वहीं, किसान शक्तिनाथ झा ने बताया कि इनके पास 450 पेड़ों में 35 विविध किस्में मौजूद हैं। किसान कपिलदेव झा ने बताया कि बिहार का बीजू आम सिर्फ फल नहीं, बल्कि हमारी जैव-विविधता की धरोहर है, जिसे अपने खेतों में जिंदा रखे हुए हैं। इसके अलावा कार्यशाला में बिहार के 11 अन्य किसानों ने हिस्सा लिया।
जिसमें सुपौल त्रिवेणीगंज के राजेंद्र कुमार यादव मुजफ्फरपुर मरवन के विकास यादव, सारण के प्रमोद कुमार शर्मा, पटना के मधुसूदन सिंह, मुजफ्फरपुर के अशोक कुमार शर्मा, प. चंपारण नरकटियागंज के आनंद सिंह और सोनू कुमार शामिल हुए।



