
महंतीलाल तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रति प्रशासन लापरवाह: बिरेन्द्र कुमार निधि
मधुबनी- 25 अप्रैल। शहर के आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता बिरेन्द्र कुमार निधि ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के तालाबों की दुर्दशा और अतिक्रमण का बढता दायरा शहर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तालाब के हित की सोचने वालों को सैरात सूची में शामिल सरकारी तालाब के जीर्णोद्धार की दिशा में ‘लक्ष्य तक’ की ‘पारंपरिक जल स्रोत से जल संरक्षण की सफर’ अभियान प्रेरित करने लगा है। सरकारी तालाबों की प्रशासनिक स्तर पर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश से लोगों में तालाबों को फिर से जीवित करने की उम्मीद की जगी है। तालाबों की जीर्णोद्धार से गर्मी के दिनों में जलसंकट से निजात मिलेगा।
उन्होंने कहा कि रहिका अंचल कार्यालय, नगर निगम प्रशासन की उदासीनता शहर के महंतीलाल तालाब सहित अन्य अन्य तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराने के चलते वजूद खोने की स्थिति में पहुंच गया है। सरकार इन तालाबों की बंदोबस्त कर राजस्व हासिल तो करती है। तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रति लापरवाह है।उन्होंने कहा कि कभी जल संरक्षण और आर्थिक रीढ़ रहे नगर निगम क्षेत्र के महंतीलाल तालाब के अस्तित्व को खतरा बना है। वर्षों से अतिक्रमण के चपेट में यह तालाब अस्तित्व की तलाश में है। दशकों से यह तालाब बीतते समय के साथ उचित संवर्धन के अभाव में अपना वजूद खोते जा रहे हैं। जिससे मखाना और मछली उत्पादन पर संकट बन गया है।



