भारत

वेतन बढ़ाने को लेकर नाेएडा में श्रमिकों का उपद्रव, कई वाहनों और फैक्टरियों में की तोड़फोड़ व आगजनी, कई हिरासत में

नोएडा- 13 अप्रैल। वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर नाेएडा के कई इलाकाें में धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को काफी उग्र और हिंसक हो गया। श्रमिकाें ने दो दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई। कई फैक्टरियों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने नियंत्रण करने के लिए बल का प्रयाेग कर और आंसू गैस छाेड़ी। पुलिस ने कार्रवाई कर दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

दरअसल, नाेएडा के कई सेक्टराें में श्रमिक अपनी मांगाें काे लेकर कई दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को श्रमिकाें ने उग्र हाेकर नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर,नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र, ईकोटेक- प्रथम क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में मजदूरों ने धरना प्रदर्शन किया। उग्र श्रमिकाें ने कई जगह पर जाम लगा दिया। कई जगह पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी नोंक झोंक हुई । कई जगह पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल भी करने पड़े हैं। श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव किया है। श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन के दौरान दो दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई है। कई फैक्ट्रियों में भी तोड़फोड़ की गई है। कई पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया है। पथराव और मारपीट में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा श्रमिकों को हिरासत में लिया है। वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वाले कुछ लोगो के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है।

सरकार की गठित उच्चस्तरीय समिति पहुंची नाेएडा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता काे देखते हुए एक हाई लेवल समिति गठित की है। समिति के सदस्याें ने आज ही नोएडा पहुंच कर अपना काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश काे इस उच्चस्तरीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त सदस्य सचिव के रूप में उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित अधिकारी को सम्मिलित किया गया है। उन्हाेंने बताया कि इस समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। उन्हाेंने बताया कि उक्त उच्चस्तरीय समिति जनपद गौतमबुद्ध नगर में पहुंच चुकी है। प्राथमिकता के आधार पर संबंधित प्रकरण का परीक्षण करते हुए अपनी आख्या शीघ्र ही शासन को प्रस्तुत करेगी।

प्रदर्शनकारियाें ने मीडिया काे भी नहीं बख्शा

धरना प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने मीडिया कर्मियों को भी नहीं बक्शा। “गोदी मीडिया” के नारे लगाते हुए कई मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट की गई, तथा कुछ के कैमरा छीन लिए गए। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम और पुलिस के आला अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए रखें हुए है तथा मौके पर पहुंचकर य अधिकारी पल-पल की की जानकारी ले रहे है। श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई सख्त कर दी है।

फायरिंग में 14 मरने की खबर का पुलिस ने किया खंडन

सोशल मीडिया पर पुलिस की फायरिंग मे 14 लोगों की मौत और 32 घायल होने की खबर का पुलिस ने खंडन करते हुए कहा कि यह झूठी खबर है। पुलिस ने ट्विटर हैंडल पर यह खबर फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है। उन्होंने बताया कि श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कोई नेतृत्व नहीं कर रहा है। इसकी वजह से भी श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में काफी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ आगजनी और उपद्रव करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। तोड़फोड़ और उपद्रव करने वालों की वीडियो के आधार पर पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।

श्रमिकाें की ज्यादातर मांगें मान ली गई: डीएम

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर मेधा रूपम ने कहा कि श्रमिकाें की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि श्रमिक शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ना लें। इसके बावजूद भी श्रमिक आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं है। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को यातायात डायवर्जन करना पड़ा। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन की गाइडलाइन के के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दाेगनी दर से किया जाएगा तथा उसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

औद्योगिक संगठन के नेता ललित ठुकराल ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है। कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है। इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।

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