भारत

देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई स्थिर: केंद्र

अबतक 5 किलो के 8,90,000 सिलेंडर की बिक्री

नई दिल्ली- 08 अप्रैल। पश्चिम एशिया में सीजफायर की घोषणा का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी। सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिर है। तेल रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के साथ पूरी क्षमता से चल रही हैं, जबकि 23 मार्च से अब तक 5 किलो के लगभग 8,90,000 सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। कोयला आधारित बिजली देश की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 70 फीसदी हिस्सा पूरा करना जारी रखे हुए है।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। सुजाता शर्मा ने कहा कि पिछले पांच दिनों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने करीब 1,600 जागरूकता कैंप लगाए हैं, जिनमें लगभग 14,000 सिलेंडर बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि कल लगभग 1.1 लाख गैस सिलेंडर की सप्लाई की गई, जिससे 23 मार्च से अब तक पांच किलो वाले गैस सिलेंडर की कुल बिक्री लगभग 8.9 लाख हो गई है।

उन्होंने बताया कि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें खाद बनाने वाले प्लांटों को लगभग 95 फीसदी गैस की सप्लाई मिल रही है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिर है और कहीं भी कमी नहीं है क्योंकि रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के साथ पूरी क्षमता से चल रही हैं। शर्मा ने कहा कि सरकार ने सप्लाई बढ़ाने के लिए C3 और C4 स्ट्रीम को एलपीजी पूल में भेजने का निर्देश दिया है, जबकि पेट्रोकेमिकल्स के लिए सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी है।

सुजाता शर्मा ने बताया कि नेचुरल गैस के संबंध में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है और उनकी आपूर्ति को सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही उद्योगों को भी नेचुरल गैस की सप्लाई शुरू की गई है। ड्राफ्ट स्टेट सीबीजी पॉलिसी जारी की गई है, जो राज्य इस पॉलिसी को अपनाएंगे, उन्हें अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे ऐसे सुधार लागू करें, जिससे प्राथमिकता वाले कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति आसान हो सके। इसके तहत लगभग 18 राज्यों ने कदम उठाए हैं और उन्हें अतिरिक्त एलपीजी का आवंटन दिया गया है।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने कहा कि मार्च से अब तक लगभग 3,87,000 पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं और लगभग 4,21,000 नए उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। जिन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, उनसे एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 17,000 से अधिक उपभोक्ता अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं। इसके साथ ही सभी नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।

शर्मा ने कहा कि गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। हाल ही में लगभग 4,000 छापे मारे गए और पिछले कुछ दिनों में लगभग 56,000 सिलेंडर ज़ब्त किए गए। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 1,770 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, 51 डिस्ट्रीब्यूटरों को निलंबित किया है और 175 के खिलाफ कार्रवाई की है। पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की सप्लाई लगातार बनी हुई है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

सीजफायर का स्वागतः विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी। उन्होंने कहा कि संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ज़रूरी हैं। इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को बहुत ज्यादा तकलीफ दी है और दुनियाभर में ऊर्जा की सप्लाई और व्यापार के नेटवर्क को बाधित किया है। जायसवाल ने कहा कि उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की पूरी आज़ादी और दुनिया भर में व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।उन्होंने कहा कि भारत उन सभी कदमों का स्वागत करता है जिनसे शांति और स्थिरता आती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया में यह घटनाक्रम यूक्रेन में भी शांति की कोशिशों को बढ़ावा देगा।

भारत के खदानों और बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार

वहीं, कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजीव कुमार कासी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि खदानों, पावर प्लांटों, बंदरगाहों और ट्रांजिट में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिसे बहुत कम समय की सूचना पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन के मामले में हमें बिल्कुल भी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और कोयले का उत्पादन उसी गति से कर रहे हैं, जिस गति से उसका उपभोग हो रहा है।”

उन्होंने दावा किया कि भारत के पास इस समय खदानों और बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उपभोक्ताओं तक बहुत कम समय में भी आपूर्ति पहुंचाई जा सके। बिजली उत्पादन क्षमता में कोई कमी नहीं है क्योंकि कोयले का उत्पादन खपत के स्तर के साथ तालमेल बिठाए हुए है।

उन्होंने कहा कि कोयला आधारित बिजली, देश की ऊर्जा ज़रूरतों का लगभग 70 फीसदी हिस्सा पूरा करना जारी रखे हुए है। समन्वित प्रयासों के माध्यम से भारत ने कोयले की किफायती और पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखी है और लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयले के उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया है।

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