
MADHUBANI:- समाहरणालय के समक्ष महिला पर्यवेक्षिकाओं का धरना, कहा- आर्थिक-मानसिक रूप से हम सभों को किया जा रहा प्रताड़ित
मधुबनी- 04 अप्रैल। जिले में संविदा कार्यरत पर महिला पर्यवेक्षिकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर विभाग के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष धरना दिया। मौके पर महिला पर्यवेक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि कि वर्षों से कार्य करने के बाद उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मानदेय से प्रतिमाह ईपीएफ की.कटौती की जा रही है, लेकिन अब तक यह राशि उनके खातों में जमा नहीं कराई गई है।
उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देश के अनुसार आंगनबाड़ी का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित है, लेकिन उन्हें शाम 5 बजे तक कार्यालय में रोका जाता है। उनसे प्रतिदिन 10-11 घंटे काम लिया जा रहा है। हर महीने 100 अंकों की मूल्यांकन परीक्षा को मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि इस परीक्षा के दबाव में काम करना कठिन है। मातृत्व अवकाश, आकस्मिक अवकाश और अर्जित अवकाश के आवेदन लंबित रखे जाते है।
उन्होंने लंबित अवकाशों के शीघ्र निष्पादन और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब तक उनकी सेवा पुस्तिका नहीं खोली गई है, जिससे भविष्य में उन्हें परेशानी हो सकती है। रविवार और त्योहारों के दिन भी उनसे ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। अन्य कर्मियों को परीक्षा ड्यूटी का पारिश्रमिक मिलता है, जबकि उन्हें बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के यह कार्य करना पड़ता है।
महिला पर्यवेक्षिकाओं ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया है। ना ही सम्मानजनक वेतन दिया जा रहा है। ऊन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगी



