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अरब और इस्लामी देशों की ईरान से हमले रोकने की अपील

इस्तांबुल/रियाद- 19 मार्च। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में गुरुवार को हुई अहम बैठक के बाद 12 अरब और इस्लामी देशों ने ईरान से क्षेत्रीय देशों पर हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमले तुरंत रोकने की अपील की है। इन देशों ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी यूरेशिया डेली और तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडाेलू (एए) व अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तुरंत रोकने की अपील की है। बैठक में अज़रबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और आपसी तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया। हमलों में तेल रिफाइनरियां, पानी शुद्धिकरण संयंत्र, हवाई अड्डे और राजनयिक परिसरों जैसे अहम ठिकाने शामिल हैं। ऐसे हमलों को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।

बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को खतरे से बचाने की जरूरत पर बल दिया गया। इसके अलावा, लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता के समर्थन को दोहराया और लेबनान पर इज़राइल के हमलों की निंदा की गई।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है। हाल के हफ्तों में ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल का टकराव बढ़ा है, जिसके चलते पूरे मध्य-पूर्व में सुरक्षा हालात अत्यधिक संवेदनशील हो गए हैं।

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