
इमरान खान को अटक जेल में रखने पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दखल
इस्लामाबाद- 09 अगस्त। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना केस में पांच अगस्त को गिरफ्तार किए गए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अटक जेल में रखे जाने पर बुधवार को दखल दिया। चीफ जस्टिस आमिर फारूक ने इमरान खान की याचिका पर सहायक महाधिवक्ता को कैदियों के स्थानांतरण का निर्धारण करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकारी के बारे में पता लगाकर 11 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ जस्टिस फारुख ने अधिकारियों से यह अवगत कराने को कहा है कि सत्र अदालत के निर्देशानुसार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल के बजाय अटक जेल में रखने का आदेश किसने दिया। इमरान खान ने याचिका में अटक जेल से अदियाला जेल स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही ए-क्लास सुविधाओं के साथ निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान से चिकित्सा जांच कराने की अनुमति मांगी है। इमरान ने अदालत से अपनी कानूनी टीम, परिवार और पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों से मिलने की अनुमति देने की भी अपील की है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि इस्लामाबाद में जेल में जगह न होने के कारण कैदियों को रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा जाता है। ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश हुमायूं दिलावर के सजा आदेश के अनुसार पीटीआई प्रमुख को रावलपिंडी की अदियाला जेल भेजा जाना था। तब यह कैसे हो गया।
खान के वकील एडवोकेट शेर अफजल मारवत ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकार के पास किसी कैदी को पंजाब की किसी भी जेल में स्थानांतरित करने की शक्ति है। इस पर चीफ जस्टिस फारूक ने टिप्पणी की- नवाज शरीफ के कोट लखपत जेल में स्थानांतरण के अनुरोध को मंजूरी दी गई थी।



