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BIHAR:- झंझारपुर कोर्ट में एडीजे और थानाध्यक्ष मारपीट प्रकरण फिर सुर्खियों में, सुप्रीम कोर्ट ने एडीजे पर केस फिर से शुरू करने का दिया आदेश

मधुबनी- 14 दिसंबर। वर्ष 2021 के नवंबर माह में मधुबनी जिला के झंझारपुर कोर्ट में एडीजे से मारपीट प्रकरण एक साल बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। एडीजे से मारपीट के आरोपी घोघरडीहा के पूर्व थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण के बयान पर सात माह बाद झंझारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस प्राथमिकी में एडीजे प्रथम अविनाश कुमार,नगर पंचायत के जेई दीपक राज एवं कोर्ट कर्मी अवकाश मिश्रा को नामजद किया गया है। जिसमें पटना हाईकोर्ट ने एडीजे पर की गई एफआईआर को बंद कर दिया था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर यह मामला कोर्ट एवं पुलिस प्रशासन के गलियारों में चर्चाऐं होने लगी है। मामले की जानकारी देते हुए आवेदक के वकील अभिषेक रंजन ने बताया कि 18 नवंबर 2021 को झंझारपुर कोर्ट परिसर स्थित एडीजे के कार्यालय कक्ष में मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना के बाद आवेदक पुलिस अवर निरीक्षक गोपाल कृष्ण तत्कालीन थानाध्यक्ष घोघरडीहा के बयान पर प्राथमिकी संख्या-124/22 दर्ज हुई थी। इस मामले में उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए सीडबल्यूजेसी सख्या- 19402/21 में एडीजे द्वारा की गई एफआईआर के जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंपा था। गोपाल कृष्ण द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर 124/22 को मिस्टेक ऑफ लॉ के कारण बंद करने का आदेश 31 अगस्त 22 को पारित किया था। जिसके विरुद्ध आवेदक द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए एसएलपी दायर किया गया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमआर साह एवं न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट्ट के बेंच के समक्ष सीलबंद लिफाफे में 8 दिसंबर 2022 को प्राप्त रिपोर्ट को देखकर यह आदेश पारित किया गया कि पूर्व में दर्ज एफआईआर को बहाल कर निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए।

मालुम हो कि कि जांच के क्रम में सीआइडी की टीम वर्ष 2021 के दिसंबर माह एवं अन्य महिनों में कई बार झंझारपुर के चक्कर काट चुकी है। झंझारपुर थाना में पूर्व थानाध्यक्ष के बयान पर दर्ज प्राथमिकी का अनुसंधान सीआइडी के एसपी कर रहे थे। झंझारपुर थाना में 20 जून की तारीख में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पूर्व थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण कोर्ट कर्मी अवकाश मिश्रा से मोबाइल पर मिली सूचना के आलोक में एडीजे प्रथम अविनाश कुमार से मिलने पहुंचे थे। जब वे इजाजत लेकर एडीजे के कक्ष में गए तो वहां नगर पंचायत के जेई घोघरडीहा निवासी दीपक राज एवं अन्य पहले से मौजूद थे। एडीजे ने अंदर आते ही उनके साथ बदतमीजी की और गाली-गलौच किया मना करने पर जूता निकालकर मारने लगे। आत्मरक्षार्थ उन्होंने जूता पकड़ कर नीचे रख दिया। जिसके बाद दीपक राज अवकाश मिश्रा एवं अन्य कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। पूर्व थानाध्यक्ष के बयान के अनुसार उन्हें बचाने एसआइ अभिमन्यु कुमार शर्मा बाहर से आए तो उनके साथ भी मारपीट कर लहुलुहान कर दिया गया। उन्होंने शौचालय में अपने आप को बंद कर जान बचाई। बयान में एडीजे पर एसआइ शर्मा का रिवाल्वर छीनकर टेबल के अंदर रखने का आरोप भी लगाया गया है। आठ महीने जेल में रहने के बाद हाई कोर्ट से 29 जून 2022 को बेल मिला था।

एडीजे कक्ष में मारपीट की घटना 18 नवंबर 2021 को घटी थी। उस समय यह बात सामने आई थी कि दोनों पुलिस पदाधिकारियों ने एडीजे के कक्ष में घुसकर उनके साथ मारपीट की और एडीजे पर पिस्तौल तान दी। मारपीट की भनक लगते ही कोर्ट कर्मी व कई अधिवक्ता वहां पहुंचे और बीच बचाव कर एडीजे को पुलिस अधिकारियों के कब्जे से मुक्त कराया। इस दौरान दोनों पुलिस पदाधिकारियों की पिटाई भी हुई, जिसमें वे जख्मी हुए थे। घटना के बाद दोनों पुलिस पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए डीएमसीएच भेजा गया था। वहीं एडीजे के बयान पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अस्पताल से निकलने के बाद दोनों आरोपित पुलिस पदाधिकारियों को जेल भेज दिया गया था। इस दौरान 19 नवंबर 2021 को ही आरोपित पुलिस पदाधिकारी गोपाल कृष्ण का बयान लिया गया था जिस पर सात माह बाद 20 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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