
बिहार में कई अच्छे काम हुए, जिनकी चर्चा नहीं हो पाती: नीतीश
पटना- 06 मई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में 889.26 करोड़ रुपये की बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवनों का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। तथा आधारशिला रखकर कार्यारंभ किया।
मौके पर उन्होंने कहा कि बहुत लोग कहते हैं कि बिहार में कोई काम ही नहीं हो रहा है, जबकि हमलोगों ने बिहार में कई अच्छे काम किये हैं, जिसकी चर्चा नहीं हो पाती है। कई अच्छे भवनों का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों का आज शिलान्यास हुआ है, मुझे इसको लेकर काफी खुशी है। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी पशुओं का कोई विश्वविद्यालय नहीं था। पशुओं के नाम पर हमलोगों ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बिहार में बनाया है। अब सुन रहे हैं कि कई जगहों पर इस पर काम होने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूसा के राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया गया, जिसके लिए हमलोगों ने काफी प्रयास किया था। वर्ष 2010 में भागलपुर के सबौर में कृषि विश्वविद्यालय शुरू किया गया। अनेक जगहों पर कई इंस्टीट्यूशन का निर्माण कराया गया। पटना में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय पहले से था, इसके अलावा किशनगंज में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साहब के नाम पर एक कृषि महाविद्यालय बनाया गया, जिसमें फिशरीज कॉलेज और वेटनरी कॉलेज भी बनाया गया है। यह सब बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। पशुओं की चिकित्सा का भी कार्य किया जा रहा है। हमलोगों ने कृषि के विकास को लेकर कृषि विशेषज्ञों एवं किसानों की सलाह से कृषि रोड मैप बनाया। अभी तीसरा कृषि रोड मैप लागू है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने छात्र-छात्राओं को कृषि की पढ़ाई करने के लिये प्रेरित किया। पहले एग्रीकल्चर की पढ़ाई के लिये बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें राज्य के बाहर पढ़ने जाती थीं। अब राज्य के युवाओं में कृषि के प्रति लगाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लड़के-लड़कियों को प्रतिमाह 2 हजार रुपये की सहायता तथा किताब-कॉपी के खर्च के लिये सालाना 6 हजार रुपये की मदद सरकार द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप के कारण राज्य में चावल, गेहूं, मक्का और दूध का उत्पादन बढ़ा है। अंडा का उत्पादन लगभग ढाई गुना हो गया है। मांस उत्पादन दुगुना से भी ज्यादा हो गया। मछली उत्पादन का लक्ष्य 8 लाख मीट्रिक टन का रखा था, जिसमें से 7 लाख 61 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। बिहार में बाहर से मछली न के बराबर आती है। अब मछली बिहार से बाहर भी भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि सब्जी का उत्पादन भी बढ़ा है। शराबबंदी के कारण सब्जी की अधिक खपत हो रही है और लोग बेहतर खाना खा रहे हैं। महिलाओं के विकास के लिये कई काम किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत 8 से 10 पंचायतों के लिये एक पशु अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि पशुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो। पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कृमिनाशन, डोर स्टेप डिलीवरी आदि कार्यों की व्यवस्था की जा रही है। हमलोगों का उद्देश्य है कि सही मायने में लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो,स्वभाव बेहतर हो,बिहार का विकास हो।

सीएम ने कहा, कौन क्या बोलता है उसका महत्व नहीं–
पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भवनों के शिलान्यास एवं कार्यारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बिहार में पिछले 15 सालों में विकास का कोई काम नहीं होने के सवाल पर कहा कि ये तो आप ही लोगों को पता है कि विकास किया गया है या नहीं किया गया है। कौन क्या बोलता है उसका कोई महत्व नहीं है। महत्व है सत्य का। आप सब जानते हैं कि क्या-क्या हुआ है, कितना काम किया गया है। इन सब चीजों को लेकर हम आपसे आग्रह करेंगे कि इसे खुद ही देखिये। हमलोग किसी की बात का महत्व नहीं देते हैं कि कौन क्या बोलता है।



